कमजोरी, भूख न लगना, पेट हमेशा भरा रहना, पेट में असामान्य तनाव व सूजन ये सभी क्रॉनिक माइलॉड ल्यूकीमिया (सीएमएल) के लक्षण हैं।
वजन में कमी, माहवारी का अनियमित होना, शरीर पर लाल-नीचे चकत्ते भी इसी श्रेणी में आते हैं। सीएमएल एक तरह का ब्लड कैंसर होता है।
ये बातें शुक्रवार को एसजीपीजीआई लखनऊ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश कश्यप ने कही। वे जेके कैंसर संस्थान में सीएमएल विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीएमएल का कारण वैज्ञानिकों के लिए अब भी खोज का विषय है। अधिकतर सीएमएल के मरीजों में एक खास क्रोमोसोम होता है।
इसे फिलाडेलफिया कहते हैं। माना जाता है कि इसके म्यूटेशन के कारण सीएमएल होता है। कहा कि खून व बोन मैरो का परीक्षण, पेट का अल्ट्रासाउंड, छाती का एक्सरे और साइटोजेनेटिक्स फिलाडेलफिया क्रोमोसोम की जांच करानी चाहिए।
दवा से मरीज वर्षों तक सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं।