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सिंगापुर-दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों ठगे!

Tue, 10 Mar 2015 02:12 AM IST
हेमंत पाण्डेय/अमर उजाला, लखनऊ
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जालसाजों ने ठाकुरगंज इलाके में तीन महीने पहले क्राउन इंटरनेशनल ट्रैवल्स के नाम से दफ्तर खोला और सिंगापुर-दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों के इंटरव्यू लिए और  50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक ऐंठ लिए। रकम ऐंठने के बाद सबको फर्जी वीजा थमा दिया।
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फ्लाइट पकड़ने के लिए जब वे अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे तो ठगी का भांडा फूटा। ठगी के शिकार 38 युवकों ने ठाकुरगंज थाने पहुंचकर जालसाज मो. आमिर, सुल्तान खान, अजमतउल्ला व उसकी दो महिला सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इन युवकों से 38 लाख 20 हजार रुपये ऐंठे हैं।

अजमतउल्ला पुलिस हिरासत में हैं और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जालसाज सौ से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। ठगी के शिकार अन्य लोगों के जो सामने आ रहे हैं उनका नाम भी इस मुकदमे में जोड़ दिया जाएगा।
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12 सौ डॉलर की नौकरी का किया एग्रीमेंट

ठाकुरगंज के वरदानीबाबा मंदिर के पास स्टार प्लाजा में आमिर नाम के शख्स ने तीन महीने पहले क्राउन इंटरनेशनल ट्रैवल्स के नाम से दफ्तर खोला। बताया जा रहा है कि उसने अपने सहयोगी सुल्तान खान, इकबाल और राहिल कमरखान की मदद से जाल बिछाया।

यहीं पर सिंगापुर व दुबई की कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों के इंटरव्यू लिए गए। झांसे में फंसे मो. इरशाद, एहसान अली, मो. अली, मो. रफी, मो. ननी, आसिफ, शमीम, अशोक कुमार का कहना है कि आमिर व उसके साथियों ने सिंगापुर की ओरिएंटेड डिजाइन फूड पैकेजिंग कंपनी में 12 सौ डॉलर प्रति माह की नौकरी का एग्रीमेंट लेटर थमाकर उनसे डेढ़-डेढ लाख रुपये ऐंठ लिए।

हमारा पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया। सभी को बताया कि 7 मार्च को सुबह 11 बजे तक अमौसी एयरपोर्ट पर समान लेकर  पहुंच जाएं। वहां पर सभी को पासपोर्ट और वीजा की कॉपी दी जाएगी। लखनऊ से वाया दिल्ली होते हुए उनकी फ्लाइट सिंगापुर पहुंचेगी और वहां पर कंपनी के एजेंट उन्हें अपने साथ ले जाएंगे।
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एयरपोर्ट पर करते रहे इंतजार, कोई आया नहीं

इरशाद व उसके साथी एयरपोर्ट पहुंचकर इंतजार ही करते रहे लेकिन वहां न तो आमिर आया और ही उसका कोई अन्य सहयोगी। देर शाम तक उनका इंतजार करने के बाद सभी आमिर की तलाश में जुट गए। रविवार को वे क्राउन इंटरनेशनल के कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि आमिर व उसके सहयोगी पहले ही चंपत हो चुके हैं।

इसी दौरान ठगी के शिकार अमीनाबाद निवासी मो. शादाब, तौहीद अहमद, अकील, कैसरबाग के रहने वाले रिजवान अंसारी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि दुबई की एक कंपनी में नौकरी दिलवाने के नाम पर उनसे 60 हजार रुपये लिए गए थे।

विदेश में नौकरी पाने को बेचा खेत व मां का गहना
ठगी के शिकार मुरादाबाद के नबी और रफी दोनों भाइयों ने अपनी बाइक, लैपटॉप बेच डाला। मां के गहने गिरवी रखने के बाद भी जब रकम पूरी नहीं हुई तो उधार भी लिया।

वहीं, एहसान अली ने बताया कि उसने दस प्रतिशत के ब्याज पर एक लाख रुपये कर्ज लिया। इरशाद का भी कहना है कि उसने भी कर्ज से पैसा जुटाया। मुरादाबाद के ही उपेंद्र ने अपना खेत बेचकर पैसा इकट्ठा किया था।
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