समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई पार्टी का एलान करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है समाजवादी पार्टी की केंद्र में और राज्य में सरकार है और वो मुझे लाभ दे रहे हैं। उनके द्वारा ऐसी शेखचिल्ली बघारना उचित नहीं है। मैंने हमेशा पद छोड़ा है। मैंने वैचारिकता को प्राथमिकता दी है। विचारों के सामने पद मायने नहीं रखता है। मैंने बहुजन समाज पार्टी में नेता विरोधी दल रहते हुए पार्टी को छोड़ दिया था। सत्ता में रहते हुए मैंने भारतीय जनता पार्टी को छोड़ दिया था। ओबीसी और जनरल की जगह जब जनरल भर्ती किये जा रहे थे तब मैंने भाजपा को छोड़ा था। स्वामी प्रसाद अखिलेश यादव के उस बयान पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि लोग लाभ लेने आते हैं और फिर चले जाते हैं।
इस दौरान वह सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा में न तो सम्मान है और न बातचीत का सलीका और तरीका आता है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के हितेषी हैं या दुश्मन हैं उन्हें कोई अभी तक समझ ही नहीं पाया। नई पार्टी के गठन पर उन्होंने कहा कि मैं 22 तारीख को दिल्ली में रहूंगा। वहीं, पर बैठक के बाद निर्णय लूंगा। वहीं, कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि अगर अवसर मिलेगा तो जरूर शामिल होऊंगा।