श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में 63,152 नौजवानों को रोजगार दिया गया है।
उन्होंने माना कि बेरोजगारी बढ़ी है, सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर घटे हैं लेकिन निजी क्षेत्र में बढ़े हैं। बेरोजगारी बढ़ने की वजह उन्होंने आबादी में वृद्धि को बताया।
विधानसभा में कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू व अदिति सिंह के सवाल के जवाब में मौर्य ने कहा कि निजी क्षेत्र में जिन्हें रोजगार दिया गया है उनमें 34427 कुशल और 28725 अकुशल अभ्यर्थी हैं।
कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1,89,936 युवाओं को विभिन्न जिलों में प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से 67003 युवाओं को सेवायोजित किया गया है। कहा कि सेवायोजन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण सतत निरंतर चलता रहता है।
लल्लू ने कहा कि 21.38 लाख पंजीकृत युवाओं में से केवल 3 फीसदी को रोजगार दिया है। इनमें महिलाओं की भागीदारी मात्र 17 प्रतिशत है। कई जिलों में एक भी कुशल युवक को रोजगार नहीं मिला। उन्होने जानना चाहा कि शेष पंजीकृत नौजवानों को सरकार कब तक रोजगार देगी ?
अदिति सिंह ने पूछा कि रोजगार में महिलाओं की भागीदारी कितनी है, उन्हें प्रोत्साहित करने की क्या योजना है ? बसपा के लालजी वर्मा ने बेरोजगारी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
एक अनुपूरक सवाल के जवाब में श्रम मंत्री ने कहा, यह सच है कि आबादी के साथ बेरोजगारी बढ़ी है। सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर घटे हैं और निजी क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़े हैं। रोजगार देने के मामले में सरकार की नाकामी के विरोध में कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।