अवध क्षेत्र के एक माननीय हैं। सरकार है तो रसूख भी है। पिछले दिनों एक मामले में उन्हें उनके दल ने पार्टी से निलंबित कर दिया।
बेटों पर भी एफआईआर से माननीय बहुत परेशान थे। निलंबन के बाद मारे डर के अपने हाईकमान से भी नहीं मिले। नहीं समझ पा रहे थे कि वास्तव में आका ने नाराजगी में कार्रवाई की है या लोगों को दिखाने के लिए।
तमाम आगा-पीछा सोचकर किसी तरह हिम्मत जुटाकर सुप्रीमो के पास गए तो बात बनती नजर आई।
मौका तमाम लोगों के बीच का था सो ज्यादा भाव नहीं मिला लेकिन मुलाकात की शाम को ही पता चल गया कि न सिर्फ माननीय को बल्कि उनके बच्चों को भी अभयदान मिल गया है।
लड़के फिर से टाइट होकर जलवा बिखेरने लगे। मामला चूंकि देश की दिग्गज नेता के लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, लिहाजा इस अभयदान को चर्चा का विषय बनने में बिल्कुल भी देर नहीं लगी।