जाली दस्तावेज से परिवहन निगम में संविदा कंडक्टर की नौकरी को हथियाना अब
बर्खास्त संविदा कंडक्टरों को बहुत भारी पड़ेगा।
इनके खिलाफ धोखाधड़ी का
मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। ऐसे में इन सबका जेल जाना तय है।
यहीं
नहीं इनकी भर्ती करने वाले क्षेत्रीय भर्ती समितियों के अध्यक्षों सहित सभी
जिम्मेदारों को चार्जशीट दी जाएगी।
निगम
के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने गुरुवार को इस बाबत आदेश जारी किए
हैं।
प्रबंध निदेशक की ओर से जारी सर्कुलर में क्षेत्रीय भर्ती समिति के
अध्यक्ष से कहा गया है कि नोडल अधिकारियों की जांच में जिन संविदा
कंडक्टरों की जाली दस्तावेज (पीआरडी, आईटीआई, एनसीसी) से भर्ती होने पुष्टि
हो चुकी है उनके खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया जाए।
मुकदमे गोरखपुर,
मुरादाबाद, वाराणसी, हरदोई, इलाहाबाद, लखनऊ, फैजाबाद, बरेली एवं आजमगढ़
परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों (आरएम) को दर्ज कराना होगा।
वहीं प्रबंध
निदेशक की तरफ से जल्द ही इन्हीं परिक्षेत्र की क्षेत्रीय भर्ती समिति के
अध्यक्षों (जो क्षेत्रीय प्रबंधक) और सदस्य को जाली दस्तावेज से संविदा
कंडक्टरों की भर्ती करने पर चार्जशीट दी जाएगी, जिसके जवाब के बाद उन पर
कार्रवाई होगी।
दोस्ताना में नहीं सौंपी रिपोर्ट निगम
के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पार्थसारथी सेन शर्मा के निर्देश पर जाली
दस्तावेज से भर्ती संविदा कंडक्टरों की जांच हुई थी।
लखनऊ परिक्षेत्र में
हुई भर्ती की जांच निगम मुख्यालय के प्रधान प्रबंधक को सौंपी गई थी।
गुरुवार को ऐसे क्षेत्रीय प्रबंधकों की चार्जशीट तैयार होने का सिलसिला
शुरू हुआ तो पता चला कि जांच अधिकारी ने लखनऊ परिक्षेत्र की रिपोर्ट ही
फाइल नहीं की।
प्रबंध निदेशक ने अफसर को तलब कर तत्काल रिपोर्ट फाइल करने
का अल्टीमेटम दिया। अफसर के दोस्ताना निभाने के लिए एक प्रबंध निदेशक के
आदेश को नजरअंदाज करने से जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां आएं...