भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लखनऊ में मीडियाकर्मियों को 21 से 23 जनवरी तक वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि इस बार प्रवासी भारतीय दिवस के लिए पिछली बार से करीब तीन गुना अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। हमारी कोशिश है कि प्रवासी भारतीयों के अनुभव का लाभ उठाया जाए और देश के विकास में सहयोग मिल सके।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लखनऊ में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की। विदेश मंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की मांग थी कि कार्यक्रम का आयोजन ऐसे वक्त में किया जाए जब वह कुंभ मेले में शामिल होने के साथ-साथ गणतंत्र दिवस की परेड का भी हिस्सा बन सकें। इसलिए कार्यक्रम के लिए 21 से 23 तक की तारीख तय की गई हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 5802 लोगों ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए आवेदन किया है जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी राज्य में आयोजन की अनुमति देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि जब 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी शुरुआत की थी तो उन्होंने प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि हमें आपका धन नहीं अनुभव का लाभ चाहिए, तब से ये परंपरा चली आ रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व व सम्मान का विषय है। आयोजन से जुड़ी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस आयोजन से प्रवासी भारतीयों को देश की संस्कृति व परंपरा से भी जुड़ने का मौका मिलेगा। प्रवासी वाराणसी को देख सकें इसके लिए भी एक कार्यक्रम रखा गया है।