मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी का खोया जनाधार वापस लाने और सपा सरकार के गुड वर्क को दिखाने के लिए रोज कोई न कोई पैंतरा आजमा रहे हैं।
अभी सूबे में उनके औचक निरीक्षण योजना की बातें चल ही रही हैं कि अचानक शनिवार को उन्होंने प्रदेश के सभी बड़े जेलों में एक साथ छापेमारी का आदेश देकर सबको चौंका दिया।
सूत्रों के मुताबिक सीएम ने प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल को यह आदेश दिया उसके बाद प्रदेश के लगभग सभी जेलों में सम्बंधित जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी छापेमारी करने के लिए धमक पड़े।
इस औचक छापेमारी योजना के तहत लखनऊ जेल में भी करीब 2.18 बज दोपहर में सीडीओ डॉ. योगेश कुमार, एसएसपी लखनऊ, एडीएम प्रशासन लखनऊ, एसडीएम और सीओ मोहनलालगंज ने दस्तक दी।
उनके साथ चार थानों की पुलिस भी थी। अभी तक किसी पर कार्रवाई होने की खबर नहीं मिली है।
बताते चलें कि प्रदेश में 61 जिला जेल, 5 सेंट्रल जेल, 1 मॉडर्न जेल, 1 नारी बंदी निकेतन और 1 किशोर जेल (बरेली) है। अभी तक फर्रुखाबाद स्थित फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में लावारिस सिमकार्ड पाया जाने की खबर है।
जेलों में एक साथ छापेमारी करने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है लेकिन माना जा रहा है कि यह रूटीन छापेमारी है।