प्रत्येक विधानसभा के ग्रामीण हिस्से में पंचायत उत्सव भवन
प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से में एक पंचायत उत्सव भवन या बारात घर का निर्माण कराया जाएगा। इस पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसके लिए प्रतीकात्मक राशि के तहत एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। आवश्यक धनराशि बचत मद से खर्च की जाएगी। जिला पंचायत शाहजहांपुर में भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
सचिवालय में 300 कंप्यूटर व उपकरण के लिए चार करोड़
प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को प्रस्तुत अनुपूरक बजट में ई-गर्वनेंस योजना के तहत सचिवालय में 300 कंप्यूटर व अन्य उपकरण के लिए चार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे सचिवालय में कामकाज को सुगम करने में काफी सहयोग मिलेगा।
एनसीसी प्रशिक्षण के लिए नौ करोड़
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्तमान सत्र में एनसीसी प्रशिक्षण को और गति दी जाएगी। इसके लिए अनुपूरक बजट में नौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज व क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली, यात्रा देयकों व अन्य मद में दो करोड़ 90 लाख का प्रावधान किया गया है।
वैश्विक कंपनियों से जुड़कर एमएसएमई को बाजार और निर्यात का नया अवसर
प्रदेश सरकार ने एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) सेक्टर को सशक्त बनाने को लेकर अनुपूरक बजट मे प्रावधान किए हैं। लघु उद्योग भारती, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और नये अनुपूरक बजट प्रावधानों से एमएसएमई को बढ़ावा और प्रोत्साहन मिलेगा।
एमएसएमई सेक्टर को बड़े निवेश से जोड़ने के लिए फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों की निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत 371.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका अप्रत्यक्ष लेकिन महत्वपूर्ण लाभ एमएसएमई इकाइयों को सप्लाई चेन, वेंडर डेवलपमेंट और निर्यात के रूप में मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को ठोस बजटीय समर्थन मिला है। यही कारण है कि प्रदेश तेजी से एमएसएमई हब के रूप में उभर रहा है। इस समय प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई हैं।
श्री कल्कि धाम व श्री सोरों में 10 करोड़ से बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं
प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में श्री सोरों जी तीर्थ कासगंज और श्री कल्कि धाम संभल आदि में पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे तीर्थ क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
वहीं यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे ईको पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्राकृतिक स्थलों, वन क्षेत्रों और ग्रामीण पर्यटन में सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही पेड ऑफ कैपिटल फॉर एसपीबी के माध्यम ये यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए विशेष प्रयोजन इकाई रखने को एक लाख रुपये का भी प्रस्ताव किया गया है।
3500 करोड़ से होगा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए अनुपूरक बजट में 3500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को 300 करोड़ तो एनआरएचएम को 2000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। ग्रामीण इलाके के अस्पतालों को उच्चीकृत किया जा रहा है।
अनुपूरक बजट में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इससे निजी व सरकारी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकेगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी।
आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।
हीमोफीलिया के लिए 10 करोड़
बजट में हीमोफीलिया मरीजों की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई के लिए गैर वेतन मद में 2001 लाख और वेतन के लिए 10001 लाख, सीबीएमआर के लिए वेतन मद में 100 लाख, लोहिया संस्थान में वेतन मद में 2000 लाख, केजीएमयू वेतन मद में 2500 लाख का प्रावधान किया गया है। इसी तरह अन्य राजकीय व स्वशासी मेडिकल कॉलेजों के लिए वेतन मद और वृहद निर्माण कार्य, मशीनों और उपकरणों के लिए एक से पांच लाख तक का प्रावधान किया गया है।
वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए पांच करोड़
अनुपूरक बजट में संस्कृति विभाग को लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही सार्वजनिक रामलीला स्थलों के रखरखाव के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपये की मांग की गई है। वहीं प्रदेश में संग्रहालयों के संरक्षण और क्यूरेशन के लिए 1 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट साफ संकेत देता है कि सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक निवेश, ऊर्जा सुधार, वित्तीय स्थिरता और रोजगार सृजन है। अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय 18,369.30 करोड़ और पूंजीगत व्यय 6,127.68 करोड़ का प्रावधान किया गया है।