अयोध्या भूमि विवाद में एक पक्ष रहे सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले पर कोई पुनर्विचार याचिका दायर न करने का फैसला किया है।
बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है। अगर किसी व्यक्ति, अधिवक्ता या संस्था की तरफ से ये रिव्यू याचिका दाखिल करने संबंधी बयान दिया जाता है तो इसे सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से न माना जाए। ये उनकी अपनी राय हो सकती है।
बोर्ड ने कहा कि देश हित व राष्ट्रीय अमन कायम रखने के लिए हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कबूल करते हैं। सभी संगठनों को अब कोर्ट का फैसला मानते हुए कहीं और नहीं जाना चाहिए।
बोर्ड ने ये भी माना कि हमने कहीं भी पांच एकड़ जमीन नहीं मांगी थी। जमीन के बारे में बोर्ड की बैठक जल्द ही की जाएगी और उस पर अमल किया जाएगा। हम फैसले का अध्ययन कर रहे हैं और बाद में इस पर निर्णय लेंगे।