अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सुनील बंसल को भाजपा का प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त संघ ने मिशन यूपी को और आगे बढ़ा दिया है।
यह फैसला दिल्ली में संगठन मंत्रियों की बैठक में शुक्रवार को हुआ। बंसल को राकेश जैन की जगह यह जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि यह फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इच्छा पर हुआ है।
बंसल को प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी दिलाकर संघ ने साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव में मिली भारी सफलता से वह निश्चिंत नहीं है। उसकी नजर अभी उत्तर प्रदेश पर टिकी है।
मोदी इफेक्ट का लाभ लेने की कोशिश्ा
संघ यूपी की विषम स्थितियों को समझ रहा है। इसीलिए केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद अब जनता से मिले समर्थन को संगठन की स्थायी शक्ति में बदलना चाहता है।
वह चाहता है कि मोदी इफेक्ट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश में पकड़ व पहुंच ऐसी मजबूत बना ली जाए, जिससे यहां भी सत्ता में पहुंचने की राह आसान हो जाए।
इसीलिए प्रदेश विधानसभा के चुनाव होने में भले ही अभी लगभग तीन साल बचे हों, पर उसने बंसल की नियुक्ति के साथ इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
रह चुके हैं अमित शाह के सहयोगी
सुनील बंसल को लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में अमित शाह के सहयोगी के रूप में लाया गया था। तभी ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि बंसल के जरिये संघ यूपी में मिशन मोदी को आगे बढ़ाएगा।
बंसल ने न सिर्फ पार्टी के लखनऊ स्थित मुख्यालय पर रुककर पूरी व्यवस्था संभाली थी, बल्कि जिलों के चुनाव प्रबंधन पर भी सफलतापूर्वक नजर रखी थी।
पहली कसौटी पर खरा उतरने के बाद संघ ने उन्हें महामंत्री संगठन बनाकर परोक्ष रूप से भाजपा संगठन की पूरी बागडोर सौंप दी है। इसी के साथ यह भी साफ कर दिया है कि वह सूबे में भाजपा की स्थिति से बहुत संतुष्ट नहीं है।
इसीलिए उसने विद्यार्थी परिषद में कुशल संगठनकर्ता के रूप में उभरे और अमित शाह के सहयोगी के रूप में सफलतापूर्वक चुनावी प्रबंधन संभाल चुके बंसल के जरिये संगठन को कसने और चाल-ढाल बदलने का मन बना लिया है।