बहुचर्चित बदायूं रेप एंड मर्डर केस की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है, वहीं एसआईटी ने भी मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिया है।
उसहैत थाना क्षेत्र के कटरा सआदतगंज गांव में एक ही परिवार की दो बहनों की दुराचार के बाद हत्या कर पेड़ पर लटकाने के मामले में आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम शुक्रवार को यहां पहुंच गई।
सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम ने अधिकारियों से मुलाकात के बाद मंडी समिति के गेस्ट हाउस में डेरा डाल दिया है।
इस बीच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने विवेचना बंद कर अभी तक की तफ्तीश का सारा रिकार्ड सीबीआई टीम सौंप दिया है।
एसपी सिटी से हुई पूछताछ
सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर करीब सवा बारह बजे एसएसपी कार्यालय पहुंची। टीम ने एसपी सिटी मानसिंह चौहान से मुलाकात कर उनसे केस के बारे में जरूरी जानकारियां जुटाईं और अपने कैंप कार्यालय के बारे में पूछा।
इस पर सीओ सिटी सत्यसेन यादव सीबीआई टीम को लेकर ककराला रोड स्थित मंडी समिति के गेस्ट हाउस में बनाए गए कैंप ऑफिस पहुंचे।
सीबीआई टीम ने यहीं एसआईटी सदस्यों को बुलवा लिया। एसआईटी ने इसी दौरान अपनी अब तक की विवेचना और साक्ष्य संबंधी रिकार्ड सीबीआई को सौंप दिया।
शाम तक सीबीआई टीम गांव नहीं पहुंची थी। बताते हैं कि एसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में आई टीम को अपने बाकी साथियों का इंतजार है।
अभी पंद्रह सदस्य और जुड़ेंगे टीम से
टीम प्रभारी डीआईजी के अलावा करीब पंद्रह सदस्य और आने हैं। इसके बाद ही टीम मौके पर जाएगी। टीम के सहयोगियों में विवेचकों के अलावा फॉरेंसिक एक्सपर्ट, सर्विलांस और कंप्यूटर आदि के जानकार भी शामिल हैं, जो गेस्ट हाउस में कुछ दिन कैंप कर विवेचना करेंगे।
टीम ने मीडिया से बातचीत करने से बची और अपने नाम और पदनाम की जानकारी भी नहीं दी। इस मामले में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों और दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को नामजद कर जेल भेजा जा चुका है।
इनमें एक हेड कांस्टेबल और एक सिपाही को बर्खास्त भी कर दिया गया है। अभी तक मामले की जांच सीओ उझानी के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही थी।
राहुल गांधी ने भी की थी जांच की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और फिर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तक से पीड़ित पक्ष ने साफ कह दिया कि उन्हें यूपी पुलिस की विवेचना पर एतवार नहीं है।
उन्हें सीबीआई जांच से कम कुछ मंजूर नहीं है। मामले में प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसकी अनुमति मिलने पर सीबीआई की दिल्ली शाखा ने अपने केस रजिस्टर्ड कर लिया है।
पीड़ित परिवार को बेसब्री से इंतजार
एक पखवाड़े से चर्चा में आए गांव में एक बार फिर से चहल-पहल बढ़ने जा रही है। सीबीआई टीम की विवेचना का मुख्य केंद्र यही गांव रहेगा। पीड़ित परिवार के अलावा गांव वालों को भी सीबीआई टीम का इंतजार है।
ग्रामीण देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की तफ्तीश का तरीका देखना चाहते हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि सच सामने आए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।