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Suna Hai Kya: पैसा वापस देने के दबाव में हैं ताजपोशी कराने वाले नेता, ऊपर वाले की टेढ़ी नजर, पढ़ें ये किस्से

Wed, 29 Jul 2026 12:03 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

"सुना है क्या" कॉलम में आज पढ़िए एक ऐसे नेताजी के कारनामें जिन्होंने अपनी ताजपोशी तो करवा ली अब उन पर लिए गए पैसे वापस देने का दबाव है। वहीं, अफसर अपने-अपने विभागों में अलग ही खेल कर रहे हैं। पढ़ें, आज के ये किस्से
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुना है क्या में हम आप के लिए लेकर आते हैं सियासत और ब्यूरोक्रेसी के वो किस्से जो पॉवर कॉरिडोर में चल रही खींचतान और हलचल को दिखाते हैं। आज एक ऐसे नेता के किस्से जिन पर अब पैसे देने वाले वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। वहीं, कल कारखानों वाले विभाग को लेकर भी चर्चा है। वहीं, एक साहब जाते-जाते बड़ा खेल कर गए। पढ़ें ये किस्से: 

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पैसा वापसी का दबाव
भगवा दल में दोबारा ताजपोशी कराने में सफल रहे नेताजी इन दिनों काफी दबाव में हैं। दरअसल, उन पर पैसा लौटाने का दबाव है, जो उन्होंने कुछ वकीलों और ठेकेदारों से दोगुना करने के नाम ठगा है। ताजपोशी के बाद नेताजी भले ही राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन पैसा मांगने वाले शांत होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इसके लिए वे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं के दरवाजे खटखटाने की तैयारी में हैं। अब देखना है कि नेताजी इस दबाव को किस हद तक कम कर पाते हैं।

ऊपर वाले की टेढ़ी नजर
कल कारखाने वाले विभाग के अफसरों की हालत पतली है। है। चुनावी चुनावी घोषणा से पहले विभागों को नए उद्यमियों को लाने का जिम्मा सौंपा गया है। उनकी सीधी निगरानी की जा रही है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पेशेवरों के संपर्क में अधिकारी दिन-रात एक किए हैं। समय कम और लक्ष्य जबरदस्त। इसी बोझ के मारे एक विभाग के साहब ने कहा, इस बार आंकड़ों के खेल से काम नहीं चलने वाला... ऊपर वाले टेढ़ी नजर किए हैं।
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साहब बड़ा खेल कर गए
एक केंद्रीय एजेंसी के साहब विदा होने से पहले बड़ा खेल कर गए। नवाबों के शहर में बैंक के जरिये अरबों रुपये विदेश भेजने और शेल कंपनियों का मकड़जाल बनाया। फिर रुपये वापस मंगाने के गुनहगारों को यूं बख्श कर फाइल क्लोज कर दी जैसे रियल एस्टेट वालों पर मेहरबानी की हो। उन्हें यह डर भी नहीं लगा कि दूसरी एजेंसी ने अरबों की संपत्ति जब्त की हैं तो आगे जवाब देना पड़ सकता है। सुना है कि उन्हें मेमसाहब को चुनाव लड़ाना है। जीतने पर तो सारे पुराने पाप धुल ही जाएंगे।
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