ऐसे पदाधिकारियों से दुर्गति
अर्श से फर्श पर आए एक दल में ऐसे पदाधिकारी भी हैं, जिनके पास संगठन से जुड़े कामों की जिम्मेदारी है। लिहाजा उनके नाम से ही तमाम आदेश-निर्देश भी जारी होते हैं। पार्टी हाईकमान से मिलवाने के एवज में शुकराना लेने वाले पदाधिकारी की हर काम को गोपनीय रखने की आदत भी है। गोपनीयता के फेर में उन्होंने शहर में एक ऐसी बैठक करवा दी जो वास्तव में 500 किमी दूर हुई थी। अब उनकी इस हरकत से पार्टी कैडर वाले हैरत में हैं। यह कानाफूसी भी कर रहे हैं कि पार्टी को बदनाम कराने वालों को आखिर कब तक ढोया जाएगा।