यह भी देखा गया कि महिलाएं बीमारी के किस स्तर पर अस्पताल आ रही हैं। अस्पताल आने के बाद वे कितने समय तक जीवित रहीं। कितने समय तक बिना बीमारी जीवित रहीं और स्तन कैंसर की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा और प्रतिशत कितना रहा।
युवतियों में ज्यादा मौत के मामले ज्यादा
अध्ययन में पाया गया कि स्तन कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा प्रतिशत 40 वर्ष तक की महिलाओं का रहा जो 12.9% था। 41 से 69 वर्ष वाले समूह में मौत का प्रतिशत 9.9 और 70 वर्ष से ज्यादा वाली महिलाओं में 9.7 था।
अध्ययन में डॉ. रिनेले मैसकरहेनेस, डॉ. एम मायीलवेगनन, डॉ. ज्ञान चंद, डॉ. अंजलि मिश्रा और डॉ. गौरव अग्रवाल शामिल थे। डॉ. ज्ञान चंद के मुताबिक, शुरुआती चरण में स्तन कैंसर का इलाज शुरू होने पर ठीक होने की संभावना बढ़ जाती हैं। बीमारी की शुरुआती चरण में पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।
किस चरण में महिलाएं पहुंचीं अस्पताल-
- बीमारी का चरण - 40 वर्ष तक- 41-69 वर्ष- 70 वर्ष से अधिक
- शुरुआती- 73 (51.4%) - 302 (54.5%) - 29 (70.7%)
- मध्यम- 54 (38.7%) - 185 (33.4%) - 9 (22%)
- गंभीर- 14 (9.9%) - 67 (12.1%) - 3 (7.3%)
(नोट : सभी आंकड़े संख्या एवं प्रतिशत में)
बीमारी के बाद जीवित रहने की अवधि एवं मौत-
| कैटेगरी |
अवधि माह में |
मौत की संख्या (%) |
| 40 वर्ष तक |
76.8 |
18 (12.9%) |
| 41 से 69 वर्ष |
83.9 |
55 (9.9%) |
| 70 वर्ष से अधिक |
68.3 |
4 (9.7%) |
स्तन कैंसर के लक्षण
स्तन में गांठ पड़ना या त्वचा के गाढ़े क्षेत्र के आसपास अलग से ऊतकों का महसूस होना, निप्पल का चपटा दिखना या अंदर की ओर मुड़ जाना, स्तन की त्वचा के रंग में परिवर्तन होना, स्तन के आकार या स्वरूप में परिवर्तन, स्तन की त्वचा का छिलना, पपड़ीदार होना या पपड़ी बनना।
ये हैं प्रमुख कारण
आनुवंशिक कारण, एक स्तन में कैंसर होने पर दूसरे में होने की आशंका, कम उम्र में मासिक धर्म शुरू होना, अधिक उम्र में रजोनिवृत्ति, अधिक उम्र में पहला बच्चा होना, मोटापा, खराब जीवन शैली, प्रदूषण।