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सुल्तानपुर: मोदी लहर पर सवार वरुण, मुकाबला त्रिकोण

Sun, 04 May 2014 10:53 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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सुल्तापुर सीट के लिए भाजपा के साथ ही सपा और बसपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिशें चल रही हैं।
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हालांकि कांग्रेस ने मौजूदा सांसद डॉ. संजय सिंह की पत्नी अमीता सिंह को मैदान में उतारा है लेकिन उन्हें खुद को मुख्य मुकाबले में साबित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

एक तरफ मोदी लहर और वरुण के चलते भाजपा जहां राहत महसूस कर रही है वहीं सपा और बसपा में मुख्य मुकाबले की होड़ लगी है।

उभर रही है त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर

गोमती किनारे बसे सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें, सुल्तानपुर, सदर, इसौली, कादीपुर (सुरक्षित) और लम्भुआ आती हैं।

पांचों पर सपा का कब्जा है। इस नाते उसकी प्रतिष्ठा दांव पर है। सपा ने शकील अहमद को उम्मीदवार बनाया है।

बसपा यहां 1999 और 2004 में जीत चुकी है। इस बार उसने अकबरपुर के दबंग नेता पवन पांडेय को उतारकर दलित-ब्राह्मण समीकरण बनाने की कोशिश की है। ‘आप’ के शैलेन्द्र प्रताप सिंह अपनी मौजूदगी का एहसास करा रहे हैं।

1977 को छोड़कर आजादी के बाद से 1984 तक कांग्रेस का गढ़ रही सुल्तानपुर संसदीय सीट पर 1989 में जनता दल तथा 1991, 1996 और 1998 में भाजपा विजयी रही थी।

2009 में कांग्रेस के संजय सिंह जीते थे। संजय सिंह अब राज्यसभा पहुंच गए हैं तो मैदान में उनकी पत्नी आ डटीं। चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले यहां त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर उभरती दिख रही है।

मोदी लहर पर सवार वरुण

सुल्तानपुर बस स्टैंड पर सुबह नौ बजे हैं। टी स्टॉल लगाने वाले रविशंकर से एक व्यक्ति सवाल करते हैं, यहां किसका जोर है? रविशंकर तपाक से कहते हैं, भाजपा का। मोदी लहर पर सवार हैं वरुण।

फैजाबाद रोड पर मोबाइल शॉप चलाने वाले महेंद्र कुमार की राय भी लगभग ऐसी ही है। कहते हैं, मुकाबला भाजपा और सपा के बीच होगा लेकिन वहीं खड़े मोलनापुर के अशर्फीलाल कहते हैं कि वरुण का चुनाव हवा-हवाई है।

वे गांवों में नहीं जा रहे। बीच में दखल देकर शिक्षा मित्र शैलेंद्र सिंह कहते हैं, पहले माहौल सपा के फेवर में था लेकिन शिक्षा मित्रों पर मुलायम सिंह के बयान के बाद वरुण मजबूत दिख रहे हैं।

अंतिम समय तक बदल सकते हैं समीकरण

कादीपुर रोड पर सैफुल्लागंज गांव में महमूद मियां के ढाबे पर चुनावी चर्चा चल रही है।

पूर्व प्रधान आफताब अहमद उर्फ नब्बन कहते हैं कि फिलहाल कांग्रेस, सपा और बसपा में तिकोना चुनाव है लेकिन सीधा भी हो सकता है।

मुसलमान सपा के साथ हैं लेकिन रुझान बसपा की तरफ हुआ तो स्थिति बदल सकती है। यह स्थिति तभी बन सकती है जब 70-80 फीसदी ब्राह्मणों का झुकाव बसपा की तरफ रहे।

वे कहते हैं कि आत्मघाती हमले में कमरुज्जमां फौजी की मौत के बाद हालात में तब्दीली भी आ सकती है।

उनके साथ बैठे फिरोज अहमद और बुजुर्ग मो. नसीर अहमद सपा की मजबूती का दावा करते हैं।

युवाओं में मोदी का क्रेज

कादीपुर कस्बे में मधुर मिष्ठान भंडार पर चुनावी चर्चा छिड़ते ही दुकान मालिक का युवा बेटा अमरेश बोल उठता है, इस बार तो नमो-नमो।

चांदा रोड पर रहने वाले सौरभ कुमार सिंह कहते हैं-युवाओं में जाति नहीं, मोदी का क्रेज है। बसपा ब्राह्मणों में घुसपैठ की थोड़ी कोशिश कर रही है लेकिन सफल होने वाली नहीं है।

अल्देमऊ नूरपुर गांव के अरविंद कुमार सिंह कहते हैं, वरुण के जीतने के 90 प्रतिशत चांस हैं। गोपालपुर नवाजगढ़ के रमेश सिंह को आखिरी वक्त पर वोटरों के धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण का अंदेशा लग रहा है।

लड़ाई सपा-बसपा-भाजपा में

चांदा में मिले मो. शफीक खान कहते हैं, मुसलमान सपा के साथ हैं। सभी उम्मीदवारों में शकील अहमद बेदाग नेता हैं।

कालिकागंज के अब्दुल वहाब का आकलन है कि फिलहाल चुनाव सपा, बसपा और भाजपा के बीच है।

नसीम अहमद और वहाब कहते हैं, बसपा प्रत्याशी का अतीत उनके आड़े आ रहा है। मुसलमान उनके साथ नहीं जाएगा। वे सपा की स्थिति बेहतर मानते हैं।

नंबर दो को लेकर चर्चा

लंभुआ के मुख्य बाजार में डॉ. शिवप्रकाश दुबे के मेडिकल स्टोर पर चर्चा इस बात को लेकर हैं कि वरुण के मुकाबले नंबर-दो पर कौन रहेगा।

बुजुर्ग रामश्वात तिवारी कहते हैं, वरुण चुनाव में न होते और पवन पांडेय निर्दलीय लड़ते तो चुनाव जीत जाते। बाहमर के श्याम सिंह कहते हैं, मोदी फैक्टर काम कर रहा है।

डॉ. शिवप्रकाश दुबे कहते हैं कि केंद्र और यूपी सरकार से लोगों की नाराजगी का फायदा भाजपा को मिल रहा है।

वह पूछते हैं-आप ही बताइए, वरुण का नजदीकी प्रतिद्वंद्वी कौन होगा? मोबाइल शॉप चलाने वाले हरीश चंद जायसवाल कहते हैं, कांग्रेस खत्म है। वरुण का मुकाबला सपा के शकील से है।
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बदलाव चाहते हैं लोग

मोतिगरपुर में रमेश पाठक की खादी की दुकान पर बैठे पारस पट्टी के नरेंद्र तिवारी और शिक्षक भरतलाल यादव अलग-अलग राय रखते हैं।

तिवारी का दावा है कि 80 फीसदी ब्राह्मण भाजपा के साथ हैं। लोग बदलाव चाहते हैं। इसके उलट, भरत लाल कहते हैं कि यादव और मुसलमान सपा के साथ हैं।

ब्राह्मण बसपा के साथ जा रहे हैं। अन्य ओबीसी भी सपा का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में सपा अच्छी स्थिति में है।

साइकिल स्टोर चलाने वाले ठाकुर उदयभान सिंह भाजपा की बेहतर स्थिति का दावा करते हैं।
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