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Lucknow News: अमेरिका में नौकरी छोड़ फिशमैन बने सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुजीत

Wed, 22 Jan 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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महराजगंज के बावन बुजुर्ग बल्ला में मत्स्य पालन के लिए बनवाए गए तालाब। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। अमेरिका में एक मल्टी नेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर जिले के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुजीत अब फिशमैन बन गए। जिले में उन्होंने 50 किसानों को जोड़कर करीब 350 एकड़ भूमि पर मत्स्य का पालन शुरू कर एक अनूठी मिसाल कायम की। अच्छी खासी नौकरी छोड़कर शुरू की गई मेहनत से अब वह खुद के साथ ही दूसरों की भी आमदनी को बढ़ाने में जुटे हैं।
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नेशनल फिश फार्मर अवार्ड से हो चुके हैं सम्मानित हो चुके सुजीत ने बिचौलियों से दूरी बनाकर सीधे ग्राहकों से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ाया। अब उन्होंने खारे पाने में होने वाली समुद्री झींगा मछली का उत्पादन भी शुरू किया है। बस्ती जिले के वाल्टरगंज के मूल निवासी विनोद कुमार चौधरी के इकलौते बेटे सुजीत कुमार ने वर्ष 2005 में नोएडा से सॉफ्टवेयर में इंजीनियरिंंग की पढ़ाई पूरी की।

वर्ष 2010 में उन्हें अमेरिका की एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की। छह साल तक अमेरिका में नौकरी के बाद वह नौकरी छोड़कर वापस देश लौट आए। इसके बाद वर्ष 2016 में नोएडा में साथी मुनीष के साथ खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी खोली। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान माता-पिता कोरोना की चपेट में आ गए थे।
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घर के इकलौते होने के कारण उन्होंने परिवार के साथ रहकर स्थानीय स्तर पर कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात रायबरेली की सहायक मत्स्य निदेशक सुनीता वर्मा से हुई। उनसे बातचीत के बाद जिले के महराजगंज के बावन बुजुर्ग बल्ला गांव में 15 एकड़ जमीन किराए पर लेकर तालाब बनाने के बाद मछली पालन शुरू किया।

वर्तमान में गोराबाजार के मो. रहमत के साथ मिलकर उन्होंने महज दो साल में करीब 350 एकड़ भूमि पर मत्स्य पालन का कारोबार बढ़ा दिया है। परशदेपुर, बेहटा, पहरेमऊ आदि स्थानों पर काम चल रहा है। एक साल में प्रति एकड़ 12 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन कर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। साथ ही समुद्र के खारे पानी में होने वाली झींगा मछली भी पहरेमऊ में तैयार करा रहे हैं।


25 एमटी की डिमांड, नौ एमटी ही मिल रही
प्रदेश में मछली की डिमांड करीब 25 मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष सिर्फ नौ एमटी मछली की सप्लाई ही हो पा रही है। मत्स्य पालन की डिमांड अधिक व उत्पादन कम होने के कारण ही सुजीत ने इंजीनियर को छोड़ मत्स्य पालन को अपनाया। उन्हें वर्ष 2022 में नेशनल फिश फार्मर का अवार्ड भी मिल चुका है।


125 करोड़ निवेश कर 1100 लोगों को दिया रोजगार
फिशमैन इंजीनियर सुजीत कुमार का कहना है कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से 125 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके माध्यम से 1100 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। जिंदा मछली ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए फिश एक्सप्रेस नाम से चार वाहन भी कारोबार में शामिल किए हैं। जिले के अलावा लखनऊ, कानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज आदि जिलों में मछली की आपूर्ति करने के साथ ही किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी मत्स्य पालन से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
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