लखनऊ। चिनहट थानाक्षेत्र के खंदक गोयला गांव निवासी शिवराज सिंह यादव (40) ने सोमवार सुबह खुद को गोली मार ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसने घर के बाहर गाड़ी में बैठकर खुद को उड़ाया। वहं पूर्व प्रधान व किसान नेता स्व. हरिनाम सिंह यादव का बेटा था। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवारीजन बाहर निकले। गाड़ी के अंदर खून से लथपथ शिवराज को देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने लोहिया अस्पताल भेजा जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से मिले लाइसेंसी असलहे को जब्त कर लिया है। गाड़ी को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के मुताबिक, पूर्व प्रधान व भारतीय किसान यूनियन केनेता स्व. हरिनाम सिंह यादव के तीन बेटे शिवराज, देशराज और हंसराज हैं। सभी का परिवार खंदक गोयला में रहता है। सोमवार सुबह करीब 9 बजे शिवराज यादव घर के बाहर खड़े चार पहिया वाहन में बैठा था। इसी बीच उसने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवारीजन बाहर निकले। गाड़ी में शिवराज को खून से लथपथ देखकर चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिवराज को लोहिया अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से गाड़ी व लाइसेंसी पिस्तौल कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, शिवराज के परिवार में उसकी पत्नी सुनीता व दो बेटे युवराज, रुद्रराज और बेटी शिवालिका हैं। पड़ताल में पता चला कि शिवराज का पत्नी से काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी डिप्रेशन में उसने खुदकुशी की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बायीं कनपटी पर लगी गोली
प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के मुताबिक ,शिवराज का ईंट भट्ठा है। पत्नी और भाइयों का कहना है कि शिवराज कई महीनों से डिप्रेशन में चल रहा था। उसका इलाज भी चल रहा था। शिवराज बाराबंकी के बबुरी गांव और गोयला गांव ईंट भट्ठा चलाता था। कुछ समय पहले गोयला गांव स्थित भट्ठा बंद हो गया था। इसके कारण से वह परेशान था। परिवारीजनों ने फिलहाल किसी पर आरोप से इनकार कर दिया है।