लखनऊ। आल इंडिया कल्चरल काउंसिल की ओर से आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन और नाट्य समारोह के अंतिम दिन रविवार को संगीत नाटक अकादमी में आर्टिस्ट कंबाइन ग्वालियर की नाट्य प्रस्तुति ‘कल की सुबह’ का मंचन किया गया। निर्देशन रोहित जैन ने किया था।
नाटक की कहानी अनुराग नाम के विद्यार्थी पर केंद्रित रही, जो इंजीनियरिंग की परीक्षा में कई बार फेल हो चुका है। निराश होकर वह आत्महत्या करने की सोचता है। तभी उसके कुछ दोस्त अमित नाम के एक लड़के की सुसाइड की खबर लाते हैं। यह खबर अनुराग को चौंका देती है। अनुराग के दोस्त उसे बताते हैं कि आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं। नाटक में रोहित जैन, सुयश त्रिपाठी, ऋषिता मंगल, निखिल कुशवाहा, हैरी दुबे और अंकुश दुबे ने अहम भूमिकाएं निभाईं। नाटक से हुई नाट्य गोष्ठी में कलाकारों ने कहा कि रंगमंच जीवंत माध्यम है। हमें शहरी रंगकर्म के साथ ग्रामीण रंगकर्म को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलीम राजा, कुमार बलवंत, शारदा गिरी, कुसुम मिश्र, सुहैल संयासी, ऋषि कुमार, रोहित जैन आदि मौजूद रहे।