बुधवार को केंद्र आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंडलीय समिति ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 290 रुपये प्रति क्विंटल को स्वीकृति दे दी है लेकिन उत्तर प्रदेश पर इसका असर आने वाला नहीं है। दरअसल देश के पांच राज्य एफआरपी नहीं बल्कि राज्य परामर्शी मूल्य (एसएपी) पर काम करते हैं। इनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड एवं बिहार एसएपी पर ही गन्ना मूल्य घोषित करते हैं।
पंजाब ने इसी पर गन्ने का मूल्य 360 रुपये घोषित कर बाकी राज्यों के लिए, खास तौर पर उप्र के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना समितियों के अध्यक्षों के संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह कहते हैं कि गन्ने में बढ़ती लागत को देखकर पूरी उम्मीद है कि इस बार उप्र में भी गन्ने का दाम बढ़ेगा।
पेराई सत्र -- गन्ना मूल्य -- सरकार
2012-13 -- 280-290 -- सपा
2013-14 -- 280-290 -- सपा
2014-15 -- 280-290 -- सपा
2015-16 -- 280-290 -- सपा
2016- 2017 -- 305-315 -- सपा
2017-2018 -- 310-325 -- भाजपा
2018-2019 -- 310-325 -- भाजपा
2019-2020 -- 310-325 -- भाजपा
2020-2021 -- 310-325 -- भाजपा
2021- 2022 -- घोषित होना है -- भाजपा