रायबरेली। तांत्रिक के बहकावे में रिश्तेदार के बेटे की बलि देने वाले दिलबाग ने बताया कि तालाब के पास उसने सुधीर को जमीन पर लिटा दिया और उसके दोनों हाथ-पैर पकड़ लिए। इसके बाद तांत्रिक ने शमशे से उसके पेट पर ताड़तोड़ वार किए। सुधीर ने छटपटाते हुए दम तोड़ दिया। शव को तालाब में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार दिलबाग ने घटना के बाद परिजनों को गुमराह करने के लिए खुद भी सुधीर की खोजबीन में जुट गया।
दिलबाग को मामा कहता था सुधीर
सुधीर की ननिहाल आरोपी दिलबाग के गांव में है। इसलिए सुधीर उसे मामा कहता था। घर पर भी उसका आना-जाना था। एएसपी के मुताबिक दिलबाग ने पूछताछ में बताया कि तांत्रिक ने उससे कहा था कि जिस बच्चे के माथे पर जले का दाग हो, उसकी बलि दी जाए तो उसे गड़ा धन मिलेगा। सुधीर के माथे पर जले का दाग था, इसलिए दिलबाग ने उसकी बलि की साजिश रची।
घटनास्थल पर मिली दिलबाग की लोकेशन
दिलबाग ने तांत्रिक के साथ मिलकर सुधीर की हत्या की और फिर खुद को पुलिस से बचाने का प्रयास करता रहा। वह ज्यादा दिन तक बच नहीं सका। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकाली। इस दौरान घटना वाले दिन दिलबाग की लोकेशन घटनास्थल पर ही मिली। उसने तांत्रिक से भी बात की थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने जुर्म कुबूल कर लिया।