भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडेय का कहना है, ‘सीएम व राज्यपाल के सामने नौकरी मांगने का सुधा का यह तरीका सही नहीं था। हम भी चाहते है कि सुधा को यूपी में नौकरी मिले, लेकिन ये भी एक प्रक्रिया के तहत ही संभव होगा। सुधा को इंतजार करना होगा।’
वहीं, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि राजपत्रित अधिकारी बनने की एक प्रक्रिया होती है। इसके लिए 11 विभागों में 49 पद सृजित किए गए हैं। नियमानुसार सभी को नौकरी मिलेगी। सुधा को भी नौकरी मिलेगी, इसमें विवाद वाली कोई भी बात नहीं है।