लखनऊ। डीसीपी साइबर क्राइम अनिल यादव ने मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अगर आप डर गए या लालच में आए तो साइबर ठगी के शिकार हो जाएंगे। ऐसे में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। अंजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को न उठाएं। उन्होंने नागरिकों से ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
डीसीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 82 लाख से अधिक शिकायतें साइबर क्राइम की आई थीं। इस पर कार्रवाई करते हुए 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फ्रीज कराई गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लोग सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा कर रहे हैं, जिसका फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए बैंक, फिनटेक कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के माध्यम से एकीकृत किया गया है, ताकि साइबर ठगी की घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
साइबर अपराध की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसमें उम्र, शिक्षा, आय या भौगोलिक स्थिति कोई मायने नहीं रखती। पढ़े-लिखे अधिकारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, युवा, कारोबारी और ग्रामीण किसान तक ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका बेहद अहम है। सोशल मीडिया के दौर में भी समाचार पत्रों की विश्वसनीयता सबसे अधिक है। सही, तथ्यात्मक और विस्तृत रिपोर्टिंग के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों से अवगत कराया जा सकता है, जिससे वे ठगी का शिकार होने से बच सकें। उन्होंने नागरिकों से ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
डीसीपी साइबर क्राइम अनिल यादव।
डीसीपी साइबर क्राइम अनिल यादव।