लखनऊ। प्रदेश में पहली बार लैब में तैयार कोशिकाओं से पेशाब की नली के सिकुड़ने (यूरिथ्रल स्ट्रिक्चर) का सफल इलाज किया गया है। यह उपलब्धि लखनऊ के एक निजी अस्पताल ने हासिल की है। डॉ. मयंक मोहन अग्रवाल, डॉ. वेद भास्कर और डॉ. शैलेंद्र गुप्ता की टीम ने 30 वर्षीय मरीज का सेल-आधारित तकनीक से सफल ऑपरेशन किया।
मरीज के गाल से छोटा सा ऊतक लेकर उसे पुणे की लैब भेजा गया, जहां दो सप्ताह में करीब 50 लाख सेल्स तैयार किए गए। इन्हें दूरबीन की मदद से सिकुड़ी नली पर लगाया गया। पूरी प्रक्रिया 15 से 20 मिनट में पूरी हुई और मरीज अगले ही दिन अस्पताल से घर चला गया। डॉ. वेद भास्कर ने बताया कि यह तकनीक चुनिंदा मरीजों के लिए कम चीरफाड़ वाला नया विकल्प है। इसकी सफलता दर 70 से 80 प्रतिशत तक है, जबकि दर्द कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है।