कमिश्नर को नवंबर में पकड़ी थी खामी।
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लखनऊ। नगर निगम ने घटिया सड़क बनाने वाले ठेकेदार को पांच महीने में ही काली सूची से बहाल कर दिया है। यह बहाली तब हुई जब मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मौके पर घटिया निर्माण देखा था। उनके निर्देश पर ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज हुई थी और एक साल के लिए काली सूची में डाला गया था।
पिछले साल 15 नवंबर को गोमतीनगर में करीब 30 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क उखड़ने लगी थी। क्षेत्रीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने इसकी शिकायत की थी। नगर निगम ने काम दोबारा कराया और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके बाद 20 नवंबर को मंडलायुक्त पंत ने जांच की। उनके पैर से ठोकर मारते ही बजरी निकल गई थी।
उनकी नाराजगी के बाद अवर अभियंता अपूर्व पांडेय ने धामी कंस्ट्रक्शन पर एफआईआर दर्ज कराई थी। फर्म को एक साल के लिए काली सूची में डाला गया था, लेकिन अभी उसे बहाल कर दिया गया। माना जा रहा है कि यह बहाली किसी बड़ी सिफारिश पर हुई है।
पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने इस बहाली को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी मंडलायुक्त के निर्देशों को भूल गए हैं। यह मामला नगर निगम सदन में उठाया जाएगा। वहीं, अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने बताया कि ठेकेदार ने सुधार का वादा किया है। उच्चाधिकारियों ने विचार कर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाकर उसे बहाल किया है।
कमिश्नर को नवंबर में पकड़ी थी खामी।- फोटो : File photo