डॉ. स्वामी ने कहा कि तमाम वैज्ञानिक शोधों से स्पष्ट हो चुका है कि भारतीय परंपरा एक हिंदूवादी परंपरा पर आधारित है। इसलिए सभी वर्ग व समाज के लोगों को हिंदुत्व का आदर करना चाहिए। वर्ण व्यवस्था के चलते बहुत से लोग आज भिन्न-भिन्न जाति व संप्रदाय में बंट गए हैं, उनकी घर वापसी होनी चाहिए।
स्वामी ने डॉ. आंबेडकर के नाम पर कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्ति पर करारा प्रहार किया। कहा, जब आंबेडकर को भारत रत्न देने की बारी आई तो पं. जवाहर लाल नेहरू ने खुद भारत रत्न ले लिया। अब मौजूदा सरकार जब आंबेडकर को सम्मान दे रही है तो आपत्ति उठाई जा रही है।
साधना से मिलती है सफलता : गोविंदाचार्य
विचारक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि महामना पं. मदन मोहन मालवीय ने सिद्ध कर दिया था कि सफलता साधनों से नहीं, बल्कि साधना से मिलती है। उन्होंने वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना ही हिंदू परंपरा के मुताबिक कराई थी। वे हमेशा से गौ, गंगा, गायत्री व गीता के बारे में ही अपनी बात करते थे।