लैब से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जानलेवा स्तर की मिलावट के कारण अनसेफ श्रेणी में फेल आए टोमेटो कैचप के नमूने के आधार पर दुकान संचालक के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में आपराधिक वाद दाखिल होगा। अधोमानक व पैकेजिंग एक्ट के उल्लंघन पर फेल नमूनों के मुकदमे एफएसडीए के न्याय दंडाधिकारी कोर्ट में दाखिल कर जुर्माना लगवाने की पैरवी होगी।
गढ़ी कनौरा इलाके में संचालित दुर्गा ट्रैडिंग कंपनी से लिया पैक्ड कत्था व भुनी सुपारी का नमूना पैकेजिंग एक्ट के उल्लंघन के कारण जांच में फेल निकला। इनकी पैकेजिंग पर बेस्ट बिफोर के साथ ही पैकेजिंग डेट का विवरण दर्ज नहीं मिला। विकास नगर में अरूण कुमार गुप्ता द्वारा संचालित रेस्टोरेंट में परोसे जा रहे कॉन्टीनेंटल सूप का नमूना भी घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण लैब जांच में अधोमानक निकला।
सिविल अस्पताल पार्क रोड के समीप संचालित पीतांबर लालवानी के बूथ से फुलक्रीम मिल्क का नमूना, राणाप्रताप मार्ग पर संचालित क्वॉलिटी फूड रेस्टोरेंट से आइसक्रीम, प्राग नारायण रोड पर सुरेंद्र यादव की दुकान से टोंड मिल्क और डूडा कॉलोनी में मेंहदीहसन की डेयरी से लिए भैंस दूध के नमूने लेकर जांच को भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में इनमें फैट की मात्रा तय मानक से काफी कम पाए जाने के कारण इन्हें घटिया और अधोमानक श्रेणी में फेल बताया गया है।
मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने में जुटी एफएसडीए की जिला इकाई ने 31 मार्च 2019 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के दौरान साल भर में 977 नमूने लैब जांच को भेजे। इनमें से 478 नमूने मानकों की कसौटी पर खरे साबित न होने पर फेल साबित हुए। नोटिस भेजने की कार्रवाई बाद इनमें से 468 के खिलाफ संबंधित कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया।
एक साल के दौरान एफएसडीए कोर्ट ने 68 वादों को निस्तारित करते हुए आरोपियों के खिलाफ 17.43 लाख का जुर्माना लगाने की कार्रवाई हुई। जबकि एसीजेएम कोर्ट में लंबित एक मामले की सुनवाई बाद हल्दी में सिंथेटिक कलर की मिलावट के आरोपी को तीन माह की जेल व एक हजार का जुर्माना लगाने की कार्रवाई हुई।
गुर्दे से लिवर तक को खतरा
सिंथेटिक कलर खाने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह गुर्दे व लिवर को प्रभावित करता है। इसके अलावा लोगों में अल्सर तक होने की संभावना रहती है। पेट में पाॅइजनिंग तक हो सकती है। - डॉ सुमित रोंगटा, गैस्टो मेडिसिन के प्रभारी, केजीएमयू