कई विद्यालयों के कुछ शिक्षकों ने विद्यालय से ही छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया। स्कूलों के अनुसार इसकी तैयारी पहले ही कर ली गई थी। छात्रों और अभिभावकों को ऑनलाइन पढ़ाई का टाइम टेबल दे दिया गया था। छोटे बच्चों को करीब दो घंटा और बड़े बच्चों को करीब 4 घंटे की पढ़ाई कराई गई। बीच में कुछ देर के लिए छात्रों को ब्रेक भी दिया गया।
ऑनलाइन पढ़ाई में इंटरनेट सिग्नल कमजोर होने से कई बार अभिभावकों व शिक्षकों में संपर्क टूटा। अभिभावकों ने बताया कि छोटे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने में सबसे ज्यादा समस्या आई। शिक्षकों से संपर्क साधने के लिए उन्हें बच्चों के साथ रहना पड़ता था। नेटवर्क कमजोर होने से संपर्क बनाने में दिक्कत हुई। जब तक ऑनलाइन पढ़ाई चलती रही, अभिभावक भी बच्चों के साथ लगे रहे। कुछ अभिभावकों ने पहले ही दिन ज्यादा असाइनमेंट देने की भी शिकायत की।