माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में अब छात्रों को उद्योगों की सलाह पर व्यावसायिक शिक्षा देने की तैयारी है। इसके लिए व्यावसायिक कोर्स तैयार किए जाएंगे और उसे ट्रेंड शिक्षकों से पढ़वाया जाएगा।
रोजगारपरक शिक्षा देने का मकसद यह है कि छात्र आगे चलकर इसी ट्रेड में इंजीनियरिंग या डिप्लोमा कोर्स करके आसानी से नौकरी प्राप्त कर सकें। शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है।
प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से अनुमोदन लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग उद्योगों से इस संबंध में करार करेगा। पहले चरण में करीब 100 स्कूलों में पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
केंद्र सरकार की मंशा है कि स्कूली शिक्षा के दौरान ही छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर व्यावसायिक शिक्षा दी जाए। इसके बाद वे आईटीआई, पॉलीटेक्निक या फिर इंजीनियरिंग करके बेहतर रोजगार हासिल कर सकें।
इसी के मद्देनजर पहले चरण में सूबे के 100 राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में रिटेल मैनेजमेंट, आईटी, सिक्योरिटी व ऑटो मोबाइल ट्रेड में पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।