फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलेजों में ही होगा छात्रों का स्किल डेवलपमेंट

Mon, 25 May 2015 01:22 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में अब छात्रों को उद्योगों की सलाह पर व्यावसायिक शिक्षा देने की तैयारी है। इसके लिए व्यावसायिक कोर्स तैयार किए जाएंगे और उसे ट्रेंड शिक्षकों से पढ़वाया जाएगा।
विज्ञापन


रोजगारपरक शिक्षा देने का मकसद यह है कि छात्र आगे चलकर इसी ट्रेड में इंजीनियरिंग या डिप्लोमा कोर्स करके आसानी से नौकरी प्राप्त कर सकें। शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है।

प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से अनुमोदन लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग उद्योगों से इस संबंध में करार करेगा। पहले चरण में करीब 100 स्कूलों में पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन


केंद्र सरकार की मंशा है कि स्कूली शिक्षा के दौरान ही छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर व्यावसायिक शिक्षा दी जाए। इसके बाद वे आईटीआई, पॉलीटेक्निक या फिर इंजीनियरिंग करके बेहतर रोजगार हासिल कर सकें।

इसी के मद्देनजर पहले चरण में सूबे के 100 राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में रिटेल मैनेजमेंट, आईटी, सिक्योरिटी व ऑटो मोबाइल ट्रेड में पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन

रखे जाएंगे दो-दो अतिथि शिक्षक

पहले चरण में कक्षा नौ के 25-25 छात्रों को इसकी शिक्षा दी जाएगी। इन ट्रेडों में पढ़ाई के लिए प्रत्येक स्कूल में दो-दो अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे। इसके बाद इंटर तक के छात्रों को भी इन्हीं ट्रेडों में शिक्षा दिलाने की योजना है।

इसके अलावा उद्योगों की सलाह पर अन्य नए ट्रेड भी शुरू किए जा सकते हैं। अतिथि शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा और उनकी पढ़ाई का आकलन उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों से कराया जाएगा। अतिथि शिक्षक यदि उद्योगों के मानक के अनुरूप पढ़ाने में सफल न हुए तो उन्हें हटा दिया जाएगा।

स्कूलों को मिलेंगी सुविधाएं
व्यावसायिक शिक्षा के लिए चयनित स्कूलों को अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी। जिस ट्रेड में पढ़ाई होनी है, उससे जुड़े उपकरण स्कूलों को मुहैया कराए जाएंगे। साथ ही उन्हें कंप्यूटर व जेनरेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मिलने के बाद शासन इस पर अंतिम निर्णय करेगा। इसके अलावा स्कूलों को व्यावसायिक शिक्षा की जो भी जरूरतें होंगी, उन्हें उपलब्ध कराई जाएंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें