निदेशक डॉ. अरोरा ने कहा कि कुलपति के निर्देश पर अपने कैंपस के लिए टेंडर की कवायद शुरू कर दी गई है। विद्यार्थियों के बीच जाकर इसकी जानकारी दी फिर भी वे मानने को तैयार नहीं हैं। बिल्डिंग एक दिन में नहीं तैयार होती है। नए छात्रावास की भी खोज की जा रही है। ऐसा लग रहा है कि छात्रों को कोई भड़का रहा है।
क्लास की कमी नहीं है, कई बार कम विद्यार्थियों वाली क्लास के विद्यार्थी बड़ी क्लास में बैठ जाते हैं। हम विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इस तरह आंदोलन करना ठीक नहीं है।