परीक्षा या मास प्रमोशन के असमंजस के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक जुलाई से अपने छात्रावास खोल दिए। तीन महीने बाद खुले छात्रावासों में छात्रों की आवाजाही से सन्नाटा तो टूटा लेकिन कोई छात्र वहां ठहरा नहीं। हां, कुछ छात्र अपना जरूरी सामान समेट कर ले गए।
विवि की सात जुलाई से प्रस्तावित परीक्षा को देखते हुए विद्यार्थियों को एक सप्ताह पहले से आने को कहा गया था। इसको देखते हुए विवि के निर्माण विभाग ने सभी छात्रावासों को सैनिटाइज करा दिया था, लेकिन कहीं भी थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं थी।
लखीमपुर से महमूदाबाद छात्रावास आए अनूप सिंह ने बताया कि वह अपना सामान लेने आया था। परीक्षा होने का अनुमान कम है। विवि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ डेढ़ लाख परीक्षार्थियों की परीक्षा का दावा कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर बुधवार को छात्रावासों में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर तक की व्यवस्था नहीं मिली।
वहीं, विवि प्रवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि छात्रावासों को सैनिटाइज किया गया है। पहले दिन इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही आए थे। उनमें भी कोई ठहरा नहीं है। अगर रुकना होता तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की जाती।