मामले पर जानकारी करते बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) से सोमवार सुबह छह छात्राएं लापता हो गईं। इस सूचना से हड़कंप मच गया। बीएसए भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं की तलाश शुरू हुई। छात्राएं मसौली क्षेत्र के एक गांव में मिलीं। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनसे झाड़ व पोछा लगवाने के साथ बर्तन साफ कराए जाते थे। इससे परेशान होकर वे भाग निकलीं। एसपी ने बताया कि छात्राओं के बयान दर्ज करवाने के बाद उन्हें परिवारीजनों के सुपुर्द किया गया है।
पुलिस के मुताबिक जहांगीरबाद के मिश्रीपुर स्थित आवासीय विद्यालय से सोमवार सुबह पांच बजे कक्षा छह की छह छात्राओं के लापता होने की सूचना मिली। जानकारी पर पुलिस के साथ बीएसए वीपी सिंह भी स्कूल पहुंचे। तलाश के दौरान छात्राएं मसौली क्षेत्र के ग्राम जेवली शाहवपुर में मिलीं।
उन्हें विद्यालय ले जाया गया। बताया गया कि छात्राओं ने इसी सत्र में प्रवेश लिया है। जानकारी पर एसपी आकाश तोमर ने एसओ संतोष कुमार को भेजकर छात्राओं के बयान दर्ज करवाए। एसओ ने छात्राओं से बातचीत की और वार्डेन पूनम मिश्रा को हिदायत दी कि शिक्षिकाओं को समझाए की कोई ऐसा कार्य छात्राओं से न कराएं जिससे दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हो सके। एसपी ने बताया कि सभी छात्राओं को उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
छह छात्राओं ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की टीचर शालनी सिंह उनसे प्रतिदिन झाड़ू, पोछा करवाने के साथ बर्तनों साफ कराती हैं। कुछ छात्राओं द्वारा अपमानित किए जाने का भी आरोप लगाया। इससे परेशान होकर उन्होंने विद्यालय से भागने की योजना बनाई।
छात्रा ने बताया कि उन्होंने अपना सामान पहले से पैक कर दिया गया था। सोमवार सुबह पांच बजे टीचर रूप से गेट की चाभी निकाल ली और गेट खोलकर विद्यालय से भाग गईं। छात्राओं ने बताया कि वे सभी बाराबंकी के तरफ पैदल जा रही थीं। आईटीआई के पास 150 रुपये पर एक ऑटो लेकर जेवली गांव पहुंची और एक सहेली का घर में रुकी थी।