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बाराबंकी के आवासीय विद्यालय से भागी छह छात्राएं, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

Mon, 22 Jul 2019 11:27 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
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मामले पर जानकारी करते बेसिक शिक्षा अधिकारी। - फोटो : amar ujala
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क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) से सोमवार सुबह छह छात्राएं लापता हो गईं। इस सूचना से हड़कंप मच गया। बीएसए भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं की तलाश शुरू हुई। छात्राएं मसौली क्षेत्र के एक गांव में मिलीं। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनसे झाड़ व पोछा लगवाने के साथ बर्तन साफ कराए जाते थे। इससे परेशान होकर वे भाग निकलीं। एसपी ने बताया कि छात्राओं के बयान दर्ज करवाने के बाद उन्हें परिवारीजनों के सुपुर्द किया गया है।

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पुलिस के मुताबिक जहांगीरबाद के मिश्रीपुर स्थित आवासीय विद्यालय से सोमवार सुबह पांच बजे कक्षा छह की छह छात्राओं के लापता होने की सूचना मिली। जानकारी पर पुलिस के साथ बीएसए वीपी सिंह भी स्कूल पहुंचे। तलाश के दौरान छात्राएं मसौली क्षेत्र के ग्राम जेवली शाहवपुर में मिलीं। 

उन्हें विद्यालय ले जाया गया। बताया गया कि छात्राओं ने इसी सत्र में प्रवेश लिया है। जानकारी पर एसपी आकाश तोमर ने एसओ संतोष कुमार को भेजकर छात्राओं के बयान दर्ज करवाए। एसओ ने छात्राओं से बातचीत की और वार्डेन पूनम मिश्रा को हिदायत दी कि शिक्षिकाओं को समझाए की कोई ऐसा कार्य छात्राओं से न कराएं जिससे दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हो सके। एसपी ने बताया कि सभी छात्राओं को उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। 
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छह छात्राओं ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की टीचर शालनी सिंह उनसे प्रतिदिन झाड़ू, पोछा करवाने के साथ बर्तनों साफ कराती हैं। कुछ छात्राओं द्वारा अपमानित किए जाने का भी आरोप लगाया। इससे परेशान होकर उन्होंने विद्यालय से भागने की योजना बनाई। 

छात्रा ने बताया कि उन्होंने अपना सामान पहले से पैक कर दिया गया था। सोमवार सुबह पांच बजे टीचर रूप से गेट की चाभी निकाल ली और गेट खोलकर विद्यालय से भाग गईं। छात्राओं ने बताया कि वे सभी बाराबंकी के तरफ पैदल जा रही थीं। आईटीआई के पास 150 रुपये पर एक ऑटो लेकर जेवली गांव पहुंची और एक सहेली का घर में रुकी थी। 

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रात में तैनात नहीं था गार्ड

विद्यालय में रविवार रात सुरक्षा के लिए कोई भी गार्ड तैनात नहीं था। चौकीदार नूरुल ने बताया कि रात में गार्ड नहीं था। वह सोमवार सुबह जब काम से निकल गया तो छात्राएं भाग गईं। उधर विद्यालय की वार्डेन पूनम मिश्रा का कहना है कि रविवार को छुट्टी होने के चलते वे अपने अपने घर गई थी। विद्यालय का चार्ज शिक्षिका उत्कर्षा रस्तोगी के पास था।
 
एक जुलाई को विद्यालय आईं छह छात्राएं कई दिन से घर जाने की जिद कर रही थीं। सोमवार सुबह पांच बजे छात्राओं ने चाभी लेकर गेट खोला और रात्रि ड्यूटी का गार्ड न होने के कारण वे दूसरे गांव की एक बालिका के घर चली गईं। छात्राओं से बातचीत के बाद उन्हें उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
-वीपी सिंह, बीएसए 
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