लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविकांत के काशी विश्वनाथ मंदिर पर दिए गए बयान को लेकर विद्यार्थियों ने गुरुवार को गेट नंबर एक पर प्रदर्शन किया और उनके निष्कासन की मांग की और कुलपति डॉ. आलोक कुमार राय को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा।
विद्यार्थियों का कहना है कि डॉ. रविकांत आए दिन कक्षा में भी छात्रों को जातिगत और धार्मिक आधार पर बांटने का प्रयास करते हैं और सोशल मीडिया पर भी ऐसे ही बयान देते हैं। बीते दिनों उन्होंने एक डिबेट में काशी विश्वनाथ मंदिर पर बयान दिया था।
डॉ. रविकांत पर बुधवार को एक विद्यार्थी ने हमला भी कर दिया था जिस पर छात्र को निलंबित कर दिया गया। विश्वविद्यालय में 10 मई से माहौल तनावपूर्ण है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।