लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रावास आवंटन में पारदर्शिता का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। पूरी आवंटन सूची और रिक्त सीटों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग को लेकर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। विद्यार्थियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। कुलपति, डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रोवोस्ट से भी शिकायत की गई है। छात्र नेता रिशेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में धरना दे रहे विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि एमए लोक प्रशासन में 19वीं रैंक वाले कार्तिकेय पटेल, बीए में 661वीं रैंक प्राप्त दिव्यांश पांडेय और 75 प्रतिशत अंक पाने वाले एमए प्रथम वर्ष के अनुराग सिंह तोमर को छात्रावास क्यों नहीं मिला? बिहार से आए बीए प्रथम वर्ष के छात्र प्रांजल उपाध्याय ने भी आवंटन पर असंतोष जताया है।
खाली सीटों की जांच की मांग
विद्यार्थियों ने छात्रावासवार, पाठ्यक्रमवार और श्रेणीवार आवंटन सूची वेबसाइट पर जारी करने, रिक्त सीटों का हिसाब देने और सीधे प्रवेश वाले करीब 50 पाठ्यक्रमों के आवंटन नियम स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने मेरिट और प्राथमिकता के मानक सार्वजनिक करने की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा।