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स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहे हैं लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स, बदल दी है इस गांव की सूरत

Fri, 07 Sep 2018 04:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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ग्रामीणों को स्वच्छता का महत्व समझाती छात्राएं - फोटो : amar ujala
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शासन प्रशासन के साथ ही युवा पीढ़ी भी स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर है। ऐसी ही नजीर पेश की है लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने, जिन्होंने केंद्र सरकार री स्वच्छ भारत समर-इंटर्नशिप से जुड़कर गांव में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। आज गांव की सूरत बिल्कुल बदल गई। कहीं कचरे के ढेर, कूड़ा नजर नहीं आता। ग्रामीण भी स्वच्छता को लेकर जागरूक हुए तो प्रधान ने गांव में नियमित सफाई की शुरूआत कराई। 

 

युवा शक्ति किसी काम को करने की ठान लें तो उसे हर संभव पूरा करती है, फिर चाहे जितनी रुकावटें आईं। ऐसा ही कर दिखाया लखनऊ विश्वविद्यालय के परास्नातक विद्यार्थियों ने, जिन्होंने गंदगी से बदहाल गांव के लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाकर नई मिसाल कायम की।

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योजना बनाकर छात्रों ने बख्शी का तालाब के बर्खुरदार गांव में स्वच्छता अभियान चलाया और गांव की सूरत बदल दी। लोग पहले के मुकाबले सफाई के प्रति अधिक जागरूक हुए और ग्रामीणों की जागरूकता को देखते हुए प्रधान ने भी नियमित सफाई की शुरुआत करा दी। इतना ही नहीं छात्रों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के फायदे और नुकसान भी बताए। 

लखनऊ विश्वविद्यालय के पीजी कर रहे श्रेयांस रस्तोगी, आस्था तिवारी, ऐश्वर्या, शालिनी सिंह, ऋषभ रस्तोगी, यशस्वी गुप्ता, स्वाति दास, अम्बालिका तिवारी और अंजनी ने डॉ. पुनीत मिश्रा के निर्देशन में अभियान की शुरुआत की।

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स्कूली बच्चों से हुई शुरुआत

स्वच्छता का महत्व समझातीं छात्राएं - फोटो : amar ujala
इनका मानना है कि जब देश का प्रधान सेवक यानी प्रधानमंत्री स्वच्छता के लिए झाड़ू उठा सकता है तो हम क्यों नहीं उठा सकते? क्या हम अपने आसपास की जगह भी साफ नहीं कर सकते? प्रधान सेवक की इन्हीं बातों से प्रभावित होकर छात्रों ने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की।
 
विद्यार्थियों ने केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप से जुड़कर बीकेटी के गांव को चिह्नित किया। इसके बाद यहां पर स्वच्छता मिशन, सफाई अभियान, स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। आज अभियान का असर साफ दिखाई देता है। गांव की कच्ची-पक्की सड़कें साथ सुधरी नजर आती है। ग्रामीण भी अपने घर का कचरा इकट्ठा करने लगे। 

बच्चों से हुई शुरुआत 
टीम का नेतृत्व कर रहे श्रेयांस रस्तोगी ने बताया कि गांव में जाकर सबसे पहले उन्होंने वहां के प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण किया। वहां के बच्चों को इस अभियान से जोड़ा गया। इसके बाद अगले दिन जब उनकी टीम बच्चों के घरों में गई तो फिर उनका शानदार तरीके से स्वागत किया गया। बच्चों ने टीम के बारे में अपने घरों में बता रखा था इसलिए वे भी इस अभियान से जुडे़। इसके बाद गांव में नियमित सफाई की शुरुआत हुई।

जागरूकता के लिए दिखाई फिल्में
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने लोगों को भारत सरकार द्वारा बनाई गई स्वच्छता पर आधारित कई फिल्में दिखाई। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, कूड़ादान रखने के लिए जनसंपर्क, जागरूकता रैली और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया।
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