स्वच्छता का महत्व समझातीं छात्राएं
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इनका मानना है कि जब देश का प्रधान सेवक यानी प्रधानमंत्री स्वच्छता के लिए झाड़ू उठा सकता है तो हम क्यों नहीं उठा सकते? क्या हम अपने आसपास की जगह भी साफ नहीं कर सकते? प्रधान सेवक की इन्हीं बातों से प्रभावित होकर छात्रों ने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की।
विद्यार्थियों ने केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप से जुड़कर बीकेटी के गांव को चिह्नित किया। इसके बाद यहां पर स्वच्छता मिशन, सफाई अभियान, स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। आज अभियान का असर साफ दिखाई देता है। गांव की कच्ची-पक्की सड़कें साथ सुधरी नजर आती है। ग्रामीण भी अपने घर का कचरा इकट्ठा करने लगे।
बच्चों से हुई शुरुआत
टीम का नेतृत्व कर रहे श्रेयांस रस्तोगी ने बताया कि गांव में जाकर सबसे पहले उन्होंने वहां के प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण किया। वहां के बच्चों को इस अभियान से जोड़ा गया। इसके बाद अगले दिन जब उनकी टीम बच्चों के घरों में गई तो फिर उनका शानदार तरीके से स्वागत किया गया। बच्चों ने टीम के बारे में अपने घरों में बता रखा था इसलिए वे भी इस अभियान से जुडे़। इसके बाद गांव में नियमित सफाई की शुरुआत हुई।
जागरूकता के लिए दिखाई फिल्में
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने लोगों को भारत सरकार द्वारा बनाई गई स्वच्छता पर आधारित कई फिल्में दिखाई। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, कूड़ादान रखने के लिए जनसंपर्क, जागरूकता रैली और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया।