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Lucknow News: 166 सवालों से परखी जाएगी विद्यार्थियों की मानसिक सेहत

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लविवि में समझौते के दौरान मौजूद कुलपति प्रो. जेपी सैनी व अन्य
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लखनऊ। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय नई पहल करने जा रहा है। विश्वविद्यालय, मानसिक शक्ति फाउंडेशन और फ्रीडम फ्रॉम पावर्टी ट्रस्ट (एफएफपीटी) के बीच प्रस्तावित समझौते के तहत विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और तनाव के स्तर का प्रारंभिक आकलन किया जाएगा। विद्यार्थियों को 166 सवालों वाली प्रश्नावली भरनी होगी। इसमें भावनात्मक और मानसिक स्थिति से जुड़े सवाल होंगे। जवाबों के आधार पर तनाव के स्तर का प्रारंभिक आकलन किया जाएगा।
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प्रस्तावित एमओयू के तहत रिलीफ : सपोर्ट, हील, थ्राइव एप का शुक्रवार को पोस्टर जारी किया गया। समझौता ज्ञापन पर शनिवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। विवि के अनुसार यह प्रक्रिया मानसिक तनाव की शुरुआती पहचान और समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्क्रीनिंग के रूप में काम करेगी। जरूरत के अनुसार उन्हें काउंसलिंग, स्वयं सहायता सामग्री या विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की ओर मार्गदर्शन किया जा सकेगा।
कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि विद्यार्थियों की मानसिक और भावनात्मक सेहत उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास का अभिन्न हिस्सा है। प्रयास है कि तनाव या भावनात्मक चुनौती की स्थिति में विद्यार्थियों को समय रहते सहायता मिल सके। पोस्टर जारी करने के अवसर पर मानसिक शक्ति के निदेशक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव, एफएफपीटी के उपाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार दीक्षित, डीन साइंस प्रो. शीला मिश्रा, डीन छात्र कल्याण प्रो. अमिता कनौजिया, रैंकिंग निदेशक प्रो. गीतांजलि मिश्रा, मनोविज्ञान विभाग की प्रो. मानिनी श्रीवास्तव और लविवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवासतव आदि मौजूद रहे।
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शिक्षकों और मेंटर्स को मिलेगा प्रशिक्षण
एमओयू के तहत तनाव प्रबंधन, चिंता, अवसाद, परीक्षा के दबाव और आत्महत्या रोकथाम जैसे विषयों पर कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम होंगे। शिक्षकों, मेंटर्स और छात्र स्वयंसेवकों को विद्यार्थियों में मानसिक तनाव या संकट के शुरुआती संकेत पहचानने के लिए प्रशिक्षित करने की भी योजना है। संयुक्त शोध, सर्वेक्षण, अकादमिक प्रकाशन, इंटर्नशिप और फील्डवर्क को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
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