लखनऊ। लविवि के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग में बृहस्पतिवार को ‘पुरातत्व के मेरे अनुभव एवं आपकी जिज्ञासा के प्रश्न’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने गंगा घाटी के प्रमुख पुरास्थलों, बेलन घाटी, पैसरा, विंध्य क्षेत्र, कालपी के अस्थि अवशेषों और शिवालिक क्षेत्र के प्रागैतिहासिक कालक्रम पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही लहुरादेवा, सराय नाहरराय, सनाई ताल और मल्हार जैसे पुरास्थलों के संदर्भ में शैलचित्र कला, धान की खेती के प्राचीनतम प्रमाण, लोहे के उपयोग और गंगा घाटी में कृषि के विकास की जानकारी दी। विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, डॉ. आनंद पांडेय, प्रो. पीयूष भार्गव, प्रो. ममता मिश्रा, प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रो. अनित्य गौरव, प्रो. उमेश सिंह आदि मौजूद रहे।