हंगामे को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी।
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लखनऊ विश्वविद्यालय की सेंट्रल मेस में अच्छा खासे वेतन पर तैनात किए बाउंसर्स भी नाकाम साबित हो रहे हैं। स्टूडेंट्स ने घटिया खाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार रात एक बार फिर से हंगामा किया। स्टूडेंट्स का कहना है कि इतना ज्यादा भुगतान करने के बाद उन्हें कच्ची बूंदी का रायता और कच्ची रोटियां खानी पड़ रही हैं। इसके बाद हंगामा हुआ और मौके पर तोड़फोड़ भी हुई।
मौके पर पहुंची पुलिस पर भी हल्का पथराव किया गया। वहीं दूसरी तरफ मेस संचालक ने प्रॉक्टर पर उसके साथ गाली-गलौज तथा अभद्रता करने का आरोप लगाया है। इस बयान के बाद स्टूडेंट और आक्रोशित हो उठे। वहीं प्रॉक्टर का कहना है कि खाने की गुणवत्ता पर टोकने की वजह से मेस संचालक इस तरह के आरोप लगा रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की सेंट्रल में हंगामा-बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विश्वविद्यालय में प्रोवोस्ट, प्रॉक्टर और सिक्योरिटी गार्ड की लंबी-चौड़ी टीम के नाकाम रहने के बाद सेंट्रल मेस की कमान 13 सितंबर को बाउंसर्स के हाथों में सौंपी गई थी। इसके बाद उसी दिन खाना कम पड़ने की बात कहते हुए स्टूडेंट ने एक बार फिर से हंगामा कर दिया था। कुछ दिन मामला शांत रहने के बाद मंगलवार रात फिर से वही स्थिति खड़ी हो गई।