कोरोना संक्रमण ने जहां शिक्षा समेत हर क्षेत्र को प्रभावित किया है, वहीं प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटें भरने की उम्मीद जगी है। पिछले कई सालों से प्रदेश के तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों में काफी सीटें खाली रह जाती हैं। माना जा रहा था कि इंजीनियरिंग से छात्रों का मोह भंग हो गया है, मगर कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार छात्रों ने पढ़ाई के लिए बाहर जाने के बजाय लोकल को वरीयता दी है।
ऐसे में एक बार फिर इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटेंफुल होने की उम्मीद जगी है। जेईई के माध्यम से भी प्रदेश के उच्च इंजीनियरिंग संस्थान में न सिर्फ सीटें भरेंगी, बल्कि दाखिले के लिए कड़ा मुकाबला होगा। वहीं अन्य निजी शिक्षण संस्थानों की भी उम्मीद बढ़ गई है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के आंकड़े भी इसकी तरफ इशारा कर रहे हैं।
एकेटीयू से जुड़े प्रदेश में 756 संस्थान हैं, जिसमें 220 संस्थान इंजीनियरिंग के हैं। सत्र 2019-20 में यहां बीटेक की 79693 सीटें थीं, जिसमें से 41155 सीटों पर ही प्रवेश हुए थे। इस बार राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में पिछले तीन साल में सर्वाधिक (1.62 लाख) आवेदन आए हैं, जो बदलाव के संकेत दे रहे हैं।
इस साल अभी बीटेक की सीटें तो नहीं फाइनल हुई, लेकिन पिछले साल के लगभग ही रहने की उम्मीद है, लेकिन सिर्फ बीटेक में प्रवेश के लिए लगभग 1.30 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 95 हजार से अधिक स्टूडेंट्स परीक्षा में भी शामिल हुए हैं, जो ये संकेत दे रहे हैं की इस बार प्रवेश लेने वालों की संख्या बढ़ेगी।