उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ छात्रों और प्रतियोगियों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में आयोग अध्यक्ष के पुतले की शवयात्रा निकाली।
आक्रोशित छात्रों ने परिसर के बाद सड़क पर भी यात्रा निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार को इसी मुद्दे पर एक छात्र की ओर से आत्मदाह की कोशिश और कैंडल जुलूस में हजारों प्रतियोगियों की भागीदारी के बावजूद बीते दिनों की अपेक्षा विश्वविद्यालय पर फोर्स की संख्या काफी कम रही।
वहीं, सभी तरह की भर्तियों में धांधली से प्रतियोगियों में घोर निराशा और नाराजगी है। उनकी हताशा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर आंदोलन के दौरान प्रतियोगियों ने सरकार को टूजी स्पेक्ट्रम और कोयला खादानों की तरह इन पदों की नीलामी कर देने का सुझाव दे डाला।
उनका कहना था कि जिसके पास पैसा होगा वह खरीदेगा। इससे कम से कम उनका इस तरह से मानसिक और आर्थिक शोषण तो नहीं होगा। साथ में इससे उनके जीवन का सबसे कीमती समय भी बर्बाद होने से बच जाएगा।