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लोहिया विधि विश्वविद्यालय के छात्रों को अप्रैल तक फीस में छूट, एक मार्च से होंगी कक्षाएं

Sun, 28 Feb 2021 03:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एक मार्च से खुलेगा। धीरे-धीरे छात्रों की ऑफलाइन पढ़ाई व परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। छात्र हित और कोरोना संक्रमण को देखते हुए विवि प्रशासन ने अप्रैल तक फीस में दी जा रही छूट को जारी रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को आयोजित कार्यपरिषद की बैठक में फीस के मुद्दे को पटल पर रखा गया। इसके अलावा कोविड के असर को देखते मनोचिकित्सक छात्रों की काउंसिलिंग करेंगे।

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विधि विवि पिछले एक साल से बंद चल रहा है। इस दौरान गत वर्ष छात्रों के विरोध के चलते विवि प्रशासन ने छात्रों को फीस में छूट देने का निर्णय लिया। करीब 23 हजार रुपये से ज्यादा फीस में छूट दी जा रही है। अब एक मार्च से विश्वविद्यालय कई चरणों में खुलने जा रहा है। पहले चरण में अंतिम (पांचवें) वर्ष के छात्रों को तीन बार में बुलाया जाएगा। फीस में छूट देने की शर्त थी कि विश्वविद्यालय खुलते ही छूट खत्म कर दी जाएगी।

कुलपति प्रो. एसके भटनागर ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक में छात्रों को अप्रैल तक की अवधि तक फीस में राहत दी जाएगी। सभी छात्रों को हॉस्टल में रहना होगा। कोविड प्रोटोकॉल के तहत रहना और ऑफलाइन पढ़ना होगा। कुलपति ने बताया कि ऐसी स्थिति में छात्रों की मनो चिकित्सकों द्वारा काउंसिलिंग कराई जाएगी। छात्र खुश रहें, किसी तरह के अवसाद के गिरफ्त में न आएं इस पर नजर रखी जाएगी।
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तीन शिक्षिकाओं का हुआ प्रमोशन
कुलपति ने बताया कि कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत विवि की तीन शिक्षिकाओं के प्रमोशन के लिफाफे खोले गए। अंग्रेजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अलका सिंह, अर्थशास्त्र की डॉ. मिताली तिवारी और साइकोलॉजी की डॉ. ईशा यादव के प्रमोशन पर मुहर लगी। ये तीनों मानविकी विभाग की हैं।

विधि विभाग में से किसी के भी प्रमोशन के लिफाफे नहीं खोले गए। इसके अलावा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के चिकित्सीय अवकाश, कर्मचारियों व शिक्षकों के चिकित्सीय खर्च के भुगतान के मामले में राज्य सरकार के नियम के अनुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। ओबीसी आरक्षण के मामले में राज्य सरकार के आरक्षण के नियमों का पालन करने का निर्णय लिया गया। गैर शैक्षणिक पदों पर आयोग द्वारा भर्ती करने के मामले में विश्वविद्यालय स्तर से ही भर्ती करने को लेकर राज सरकार से अनुमति मांगी जाएगी।

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