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छात्रा से छेड़छाड़ का मामला: शिक्षिका निलंबित, शिक्षामित्र पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, जांच के बाद कार्रवाई

Tue, 11 Feb 2025 03:16 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, श्रवास्ती

सार

छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में सहायक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, शिक्षामित्र पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। मामले में जांच के बाद कार्रवाई की गई है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनहा की सहायक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है जबकि शिक्षामित्र पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है जिसकी संविदा समाप्त करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामला कक्षा पांच की छात्रा से एक दूसरे समुदाय के युवक द्वारा किए गए छेड़छाड़ का है।

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कंपोजिट विद्यालय जमुनहा में कक्षा पांच की एक दलित छात्रा मंदबुद्धि है जिसके साथ विगत बृहस्पतिवार को विद्यालय के निकट बिरयानी की दुकान कर रहे अफजल ने दुष्कर्म की नियत से छेड़छाड़ किया था। इस मामले में विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षिका रफअत जहां व शिक्षामित्र पवन कुमार वर्मा ने पुलिस को सूचना न देकर मामले को रफादफा करा दिया था। इस समाचार को अमर उजाला ने शनिवार आठ फरवरी के अंक में दूसरे समुदाय के युवक ने दलित छात्रा से की छेड़छाड़ शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था जिसमें अमर उजाला ने प्रभारी शिक्षिका व शिक्षामित्र की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

इसे संज्ञान में लेते हुए बीएसए अजय कुमार गुप्ता ने बीईओ इकौना फूलचंद मौर्या के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति गठित कर प्रकरण की जांच कराया। जांच में शिक्षिका व शिक्षामित्र की भूमिका संदिग्ध मिलने पर सोमवार देर शाम बीएसए ने सहायक शिक्षिका को निलंबित कर दिया है जबकि शिक्षामित्र की संविदा समाप्त करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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इन पर यह है आरोप
प्रधान शिक्षिका रफअत जहां पर सोशल मीडिया पर विभाग की छवि धूमिल करने, विद्यालय में आपराधिक मामले का निस्तारण करने, अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने व अध्यापक सेवा नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इस दौरान शिक्षिका अपने ही विद्यालय में संबद्ध रहेगी। वहीं शिक्षामित्र को सोशल मीडिया पर विभाग की छवि धूमिल करने, विद्यालय में आपराधिक मामले का निस्तारण करने, अपने उत्तरदायित्व के प्रति लापरवाही बरतने व बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का दोषी माना गया है जिससे एक सप्ताह में अपना साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने अन्यथा उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई करने की बात कही गई है।

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