यूपी के बाराबंकी जिले के फतेहपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जरखा में दूध की लालसा में आए बच्चों से प्रधानाध्यापक ने कहा कि पहले झाड़ू लगाओ तभी दूध मिलेगा। जिस पर पहले एक निशक्त बच्चे ने बाद में दूसरे बच्चों ने पूरे विद्यालय को बारी-बारी साफ किया तब जाकर प्रधानाचार्य ने बच्चों को दूध दिया।
बच्चों से झाड़ू लगवाने की शिकायत एबीएसए से की गई है।
शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए प्रत्येक बुधवार को प्रति बच्चे को 200 एमएल दूध का वितरण करने का आदेश शासन द्वारा दिया गया है।
विकास खंड फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम जरखा प्राथमिक विद्यालय में सफाई कर्मी के न आने पर बच्चों से झाडू यह कहकर लगवाया गया कि जो बच्चा झाड़ू लगाएगा उसे ही दूध दिया जाएगा। दूध देने की शर्त पर पढ़ने आए बच्चों को अध्यापकों ने झाडू़ थमा दी।
प्राथमिक विद्यालय जरखा में कुल 180 बच्चों का पंजीकरण है जिसमें से बुधवार को सौ बच्चे उपस्थित थे। सफाई कर्मी के न आने से इस प्रधानाचार्य महेंद्र प्रताप वर्मा ने बच्चों से कहा कि दूध उसी को मिलेगा जो स्कूल की सफाई करेगा। जिस बच्चे से झाड़ू लगाने की शुरुआत कराया गया वह निशक्त है। इसकी शिकायत बच्चों के अभिभावकों ने एबीएसए से की है।