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ब्रेन ट्यूमर से गई रोशनी तो कर दिया नेत्रदान, राज्यपाल ने किया सम्मानित

Sat, 10 Dec 2016 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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एकता पांडे को सम्मानित करते राज्यपाल - फोटो : amar ujala
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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को स्टेट ऑफ द आर्ट आईबैंक के उद्घाटन पर राज्यपाल राम नाईक ने पिछले साल नेत्रदान करने वाली पुनर्वास विश्वविद्यालय की छात्रा एकता को सम्मानित किया। 
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इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि नेत्रदान सबसे बड़ा दान है क्योंकि इस दान से दूसरे व्यक्ति को जीवन में असीम खुशी मिलती है। ब्रेन ट्यूमर के बाद आंख की रोशनी चली गई। 

जांच में पता चला कि कार्निया ठीक है लेकिन आंख के भीतर की कुछ नसों में दिक्कत के चलते रोशनी लौट नहीं सकती है। बस्ती की एकता पांडे को जब ये पता चला तो उन्होंने डॉक्टर से पूछा कि क्या उसकी कार्निया से दूसरों को रोशनी मिल सकती है।
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डॉक्टर ने हां किया तो एकता ने नेत्रदान का फैसला लिया। एकता बताती हैं कि उन्होंने सितंबर 2015 में कार्निया डोनेट कर दी। एकता शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय से इतिहास एमए की स्टूडेंट हैं। 

पिता विनोद कुमार पांडे लेखपाल हैं व मां उषा पांडे गृहणी। बड़ा भाई अंकित बैंक मैनेजर हैं। एकता ने बताया कि जो आंखें उनके लिए किसी काम की नहीं थी वो किसी और के काम आ सके इससे बड़ी बात क्या होगी। 

एकता का सपना है कि वो आगे चलकर बड़ी सिंगर और रिसर्चर बनकर देश का नाम रोशन करें। छोटी उम्र में इतना बड़ा कदम उठाने पर राज्यपाल राम नाईक ने एकता को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
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