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इण्टर की छात्रा सौम्या द्विवेदी बनाई गई दो घंटे की इंस्पेक्टर

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दो घंटे के लिए मोहनलालगंज कोतवाली की कमान रविवार को इंटर की छात्रा सौम्या द्विवेदी के हाथ रही। बिना किसी प्रशिक्षण और कानूनी पढ़ाई के जिस तरह से इस छात्रा ने कोतवाली का संचालन किया, वह काबिले तारीफ था। सौम्या ने सरकारी जीप में बैठकर कस्बे में गश्त की। बेतरबीन खड़े चार पहिया वाहन चालकों को सफेद पट्टी के अंदर वाहन खड़ा करने की हिदायत दी, वहीं बिना मास्क लगाए वाहन चला रहे लोगों को रोककर चालान काटे और बाजार में बिना मास्क खरीदारी करती युवतियों व महिलाओं को भी फटकार लगाई।
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छात्रा सौम्या को जब ये पता चला कि वो मोहनलालगंज कोतवाली की प्रभारी निरीक्षक बनने जा रही तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रही। घर से सरकारी पुलिस जीप में बैठकर कोतवाली पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने सैल्यूट कर अपनी नई प्रभारी निरीक्षक का स्वागत किया। इसके बाद सौम्या ने पुलिसकर्मियो से परिचय प्राप्त कर प्रभारी निरीक्षक कक्ष में पहुंचकर चार्ज संभालने के बाद जन समस्याएं सुनीं। थाना परिसर के साथ, कंप्यूटर कक्ष, आगंतुक व मुंशी कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, मालखाना, हवालात का निरीक्षण किया। एसीपी प्रवीण मलिक से लेकर इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला तक ने सौम्या की कार्यशैली को सराहा।
बाइक चालक पर केस दर्ज करने के दिए निर्देश
मोहनलालगंज कस्बा निवासी सौम्या द्विवेदी रविवार की दोपहर तीन बजे के करीब मोहनलालगंज कोतवाली पहुंची। जहां मौजूद इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने छात्रा सौम्या को प्रभारी निरीक्षक की कुर्सी पर बैठाकर चार्ज दिया। छात्रा सौम्या को इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने पुलिसिगं सिखाई। इसी बीच डेहवा के उमांशकर फरियाद लेकर पहुंचे। उनकी बुजुर्ग मां नन्ही देवी को एक बाइक सवार टक्कर मार कर भाग गया था,मां की हालत गम्भीर है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सौम्या ने बेहिचक उमाशंकर की व्यथा को सुनकर कार्यालय मुंशी को बुलाकर दुर्घटना करने वाली बाइक चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी तरह दो अन्य मामले छात्रा सौम्या के सामने आए। सभी में उसने उचित निर्णय भी लिए। इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने छात्रा सौम्या के आत्मविश्वास की सराहना की। इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने बताया मिशन शक्ति के तहत इंटर की छात्रा सौम्या को दो घंटे का प्रभारी निरीक्षक बनाकर पुलिसिंग सिखाने तथा समाज में बेहिचक रहने की शैली सिखाई गई, ताकि किसी विपत्ति के समय वह खुद को असहाय न समझें और खुलकर मुकाबला कर सकें। सौम्या ने बताया, प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी संभालकर मुझे आत्मबल मिला है।
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