सम्मिलित अवर अभियंता (सामान्य चयन) परीक्षा-2013 की कॉपियों में एक-एक हजार के नोट लगाने वाले एक अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने तीन साल के लिए भर्ती आयोग की परीक्षाओं से डिबार कर दिया है। वहीं, पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 में ओएमआर की मूल कॉपी लेकर भागने वाले तीन अभ्यर्थियों को एक-एक साल के लिए डिबार किया है।
सम्मिलित अवर अभियंता (सामान्य चयन) परीक्षा-2013 का आयोजन जब हुआ था, उस वक्त एक हजार के नोट चलन में थे। कुल 3222 पदों के लिए हुई इस परीक्षा के दौरान इटावा के हविलिया गांव निवासी सुरजीत सिंह ने उत्तर पुस्तिकाओं में एक-एक हजार के नोट लगा दिए थे और कई कॉपियों के कई पन्नों पर अपना मोबाइल नंबर लिख दिया था।
इन दिनों परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान परीक्षक को कृषि अभियांत्रिकी प्रथम एवं द्वितीय विषय और हिंदी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में एक-एक हजार रुपये के नोट चिपके मिले। साथ ही कई पन्नों पर मोबाइल नंबर लिखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभ्यर्थी को 19 जनवरी 2018 से तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया है।
साथ ही देश भर के सभी भर्ती आयोगों को भी चिट्ठी जारी की गई है। अभ्यर्थी तीन साल तक कहीं परीक्षा नहीं दे सकेगा। इसके अलावा शुक्रवार को हुई आयोग की बैठक के दौरान पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 के तीन अभ्यर्थियों को एक-एक साल के लिए डिबार किए जाने का निर्णय लिया गया। तीनों अभ्यर्थी पिछले साल 24 सितंबर कोई हुई परीक्षा में ओएमआर की मूल कॉपी लेकर भाग गए थे।