केजीएमयू -लोहिया संस्थान में मंगलवार सुबह से डॉक्टर कर्मचारियों की हड़ताल ने मरीजों की जान सांसत में डाल दी। दोनों संस्थान में करीब सात हजार मरीजों को ओपीडी से वापस लौटना पड़ा। करीब 50 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन टाल दिए गए।
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उपचार -जांच के लिए भी मरीज सैंपल लेकर पैथोलॉजी के चक्कर लगाते रहे। दोपहर बाद डॉक्टर-कर्मचारियों के काम पर वापस लौटने पर पर्चा बनने से लेकर ओपीडी में देखा जाना शुरू हुआ। इस दौरान हजारों मरीज बिना इलाज वापस लौट गए।
सातवें वेतनमान व भत्ते की मांग को लेकर लोहिया संस्थान में सोमवार दोपहर डेढ़ बजे से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं शाम 4 बजे से डॉक्टरों ने भी कामकाज ठप कर दिया। केजीएमयू के डॉक्टरों ने भी मंगलवार ओपीडी व भर्ती मरीजों को देखने से इंकार कर दिया।
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दोनों संस्थानों में सुबह-सुबह सैकड़ों मरीज डॉक्टर की ओपीडी-पर्चा काउंटर के बाहर कतार में लग गए। काउंट न खुलने पर मरीज-तीमारदारों को हड़ताल के बारे में पता चला। मरीज-तीमारदार घंटों जमीन पर पड़े इलाज के लिए तड़पते रहे। सुबह से ही दोनों संस्थान में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
दूरदराज से आन वाले मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मरीज दो से तीन घंटे के इंतजार बाद वापस लौटना शुरू हो गए। हड़ताल पर गए डॉक्टरों का कहना है कि करीब 50 से ज्यादा ऑपरेशन चल रहे हैं । वही लोहिया संस्थान की ओपीडी में इलाज न मिलने से करीब दो हजार मरीजों को उपचार नहीं मिला।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे खुले पर्चा-जांच काउंटर
केजीएमयू की ओपीडी में सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे अफसरों ने पर्चा काउंटर खुलवाया। इस दौरान मरीजों की लंबी-लंबी कतार पर्चा व जांच काउंटर पर लग गई। इस दौरान कई ओपीडी का संचालन नहीं हुआ। कुछ ही विभागों में दोपहर बाद डॉक्टर ओपीडी में बैठे। ऐसे में मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
जांच काउंटर की बत्ती बुझा कर सो गए कर्मचारी
केजीएमयू की ओपीडी के फर्स्ट फ्लोर पर बने जांच काउंटर पर दोपहर 12 बजे तक नहीं खुला था। बाकी सभी काउंटर खुल गए थे। कर्मचारी काउंटर की बिजली बंद करके उसमें सो गए। इस दौरान कतार में घंटों से खड़े मरीज-तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पाकर आई पुलिस ने काउंटर खुलवाकर जांच शुल्क व सैंपल लेने का कार्य शुरू कराया।
स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक नहीं मिली, गोद में उठाकर ले गए मरीज
केजीएमयू ओपीडी में दोपहर बाद आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक नहीं मिली। तीसरे तल पर न्यूरो सर्जरी की ओपीडी में तीमारदार अपनी बुजुर्ग मां फहरूल निशां को गोद में उठाकर लाए थे। तीमारदार का कहना था कि व्हीलचेयर तक नहीं मिल पा रही थी।
सैंपल लेकर दौड़ते रहे मरीज
बाराबंकी से आए मरीज जगन्नाथ मौर्य को सीने में दर्द होने पर ट्रॉमा सेंटर आए थे। जहां डॉक्टरों ने सैंपल निकालकर जांच के लिए भेजा। वह सुबह 9 से 11 बजे तक सैंपल लेकर पैथोलॉजी, पीआरओ आफिस, ओपीडी के चक्कर लगाते रहे। जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया। आखिर में चारों सैंपल में थक्का जमने से वह बेकार हो गए।
कुलपति से वार्ता बाद वापस लौटे कर्मचारी
केजीएमयू कुलपति डॉक्टर एमएलबी भट्ट व कुलसचिव राजेश राय के साथ केजीएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने बैठक की। एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि शासन ने कैबिनेट से वेतन का मसला हटाकर उसमें संशोधन का आश्वासन दिया है। अगली कैबिनेट में रखने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद केजीएमयू के वरिष्ठ डॉक्टर काम पर लौट आए थे।
लोहिया संस्थान के बाहर तीमारदारों ने जाम की रोड, हंगामा-बवाल
लोहिया संस्थान में पीजीआई के समान भत्ते की मांग को लेकर डॉक्टर- स्थाई कर्मचारी भी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। नर्सों ने वार्ड से लेकर ओटी तक काम ठप कर दिया। ऐसे में कई ऑपरेशन को टाल दिया गया।
ओपीडी में आने वाले सैकड़ों मरीजों की जांच व उपचार न मिलने से तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। गार्डों ने उन्हें बाहर किया तो वह बाहर निकलकर रोड जाम करके नारेबाजी करने लगे। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को समझाकर शांत किया। इस दौरान रोड पर लंबा जाम लग गया था। कई एंबुलेंस भी जाम में फंसकर सायरन बजाती रही।
लोहिया संस्थान की ओपीडी में सुबह छह बजे से मरीज-तीमारदार पर्चा काउंटर खुलने के इंतजार में कतार में खड़े थे। करीब दो हजार मरीज सुबह 9 बजे तक काउंटर पर कतार में लगे थे। काउंटर न खुलने पर तीमारदारों ने विरोध जताना शुरू किया तो उन्हें हड़ताल की जानकारी मिली। सुबह 11:30 बजे तीमारदारों के सब्र का बांध टूट गया। सैकड़ों तीमारदारों ने ओपीडी व जांच काउंटर पर हंगामा शुरू कर दिया।
गार्डो ने उन्हें बाहर कर दिया। इससे नाराज तीमादारों ने रोड जाम करके हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने सड़क पर उतर कर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। नाराज परिजनों को लेकर लोहिया संस्थान के निदेशक से वार्ता के लिए अंदर ले गए। जिसके बाद रोड से जाम हटा। दोपहर एक बजे आश्वासन मिलने बाद डॉक्टर-कर्मचारी वापस लौटे।
ओपीडी पर्चे बने वापस लौटे
केजीएमयू - 4251 5000
लोहिया संस्थान - 200 2300
लोहिया संस्थान में हुए ऑपरेशन - 5 30 ऑपरेशन टले
केजीएमयू में हुए ऑपरेशन 20 - 25 ऑपरेशन टले
दोनों संस्थानों में करीब - सात हजार मरीजों की जांच नहीं हुई