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अतिसंवेदनशील कंटेनमेंट जोन में अब सख्ती, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम करेंगी मॉनिटरिंग

Mon, 14 Sep 2020 12:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
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लखनऊ में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इसे देखते हुए दो या दो से अधिक कोविड मरीजों वाले 217 अतिसंवेदनशील कंटेनमेंट जोन की निगरानी पुलिस करेगी। इन इलाकों में बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर भी रोक लगाई जाएगी और पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी करेंगे।

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यही नहीं, इन इलाकों की मॉनिटरिंग प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम करेगी। वहीं, राजधानी में रविवार को कंटेनमेंट जोन की संख्या तीन हजार से अधिक रही। 
शासन ने कंटेनमेंट जोन में पुलिस की तैनाती पर रोक लगा रखी थी।

इसके चलते कंटेनमेंट जोन मानक के अनुसार सील तक नहीं किए जा रहे थे। कोरोना मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ने से अफसरों के हाथ-पांव फूले हुए हैं। इसे देखते हुए अब अतिसंवेदनशील 217 कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं
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एक मरीज मिलने पर घर जाएगी पुलिस

किसी भी थानाक्षेत्र में एक भी मरीज मिलने पर उसके घर पुलिस को भेजा जाएगा। कमिश्नरेट क्षेत्र में 2500 ऐसे स्थान हैं, जहां कोरोना मरीज हैं। जिनकी संख्या रोजना कम व ज्यादा हो रही है। 40 थानाक्षेत्रों में 206 पॉलीगन लगाए गए हैं। जिनमें बाइक पर दो पुलिसकर्मी तैनात हैं।

ये टीम अपने क्षेत्र के अलावा कंटेनमेंट जोन में रोजाना 30 संक्रमितों मरीजों के घर जाएंगे और उनके संपर्क में आने वालों का भी रिकॉर्ड रखेंगे। यही नहीं, होम आइसोलेशन वाले मरीजों के परिजनों के बाहर न घूमने पर नजर रखेंगे और प्रोटोकॉल का पालन कराएंगे। प्रचार प्रसार के लिए पुलिस के सेकेंड मोबाइल पर लाउडहेलर, पीए सिस्टम और पीसीआरवी-112 के वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

मास्क न लगाने पर कटेगा चालान
कंटेनमेंट जोन में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। ताकि इन इलाकों में आने व जाने वालों पर निगरानी होती रहे। ऐसे स्थानों की संख्या 207 है। सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। हाई रिस्क जोन चिह्नित कर मजबूत बैरिकेडिंग व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नगर निगम को सौंपी गई है।

वहीं, जो बिना मास्क बाइक पर घूमते मिलने पर चालान काटा जाएगा। यही नहीं, टीमें क्षेत्र में घूमकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक करेंगी। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 65649 लोगों के लॉकडाउन का उल्लंघन करने, मास्क न लगाने व सार्वजनिक स्थानों पर थूकने का मुकदमा दर्ज किया गया है। 
 
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36 अस्पताल व क्वारंटीन सेंटर पर पुलिस मुस्तैद

पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जारी सूचना के मुताबिक, राजधानी में 36 अस्पताल व क्वारंटीन सेंटर बनाये गये हैं। इन पर 17 निरीक्षक व उपनिरीक्षक, 145 हेड कॉन्स्टेबल, 18 महिला कॉन्स्टेबल, होमगार्ड, पीआरडी जवान सहित कुल 206 जवान तैनात किये गये हैं। इसके अलावा संवेदनशीलता को देखते हुए विवेकानंद अस्पताल, इंटीग्रल अस्पताल, केजीएमयू, मेयो अस्पताल, टीएसएम अस्पताल, चंदन अस्पताल, ओपी चौधरी अस्पताल, ऐरा हॉस्पिटल, सहारा हॉस्पिटल व मेदांता अस्पताल पर पुलिस बल तैनात किया गया है। 

1302 पुलिसकर्मी व 1302 होमगार्ड की जरूरत 
शासनादेश व गाइडलाइन के मुताबिक, बैरिकेडिंग पर 1302 पुलिसकर्मी व 1302 होमगार्ड की जरूरत है। कंटेंनमेंट जोन में प्रभावी कार्रवाई के लिए कुल 2000 होमगार्ड की जरूरत है। इसके लिए शासन की स्वीकृति व उपलब्धता के लिए पत्र भेजा गया है। इसके अलावा दस चार पहिया वाहन लगाए जा रहे हैं। 
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