प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएम स्वनिधि) से ऋण लेने वाले पथ विक्रेताओं को अब ऋण एग्रीमेंट के लिए 100 रुपये का स्टाम्प शुल्क नहीं देना होगा। सरकार ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। प्रमुख सचिव नगर विकास ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से शहरी पथ विक्रेताओं के व्यवसाय को काफी नुकसान हुआ था।
इसके लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी देने के लिए पीएम स्वनिधि योजना शुरू की, लेकिन ऋण मंजूर करने के लिए बैंक द्वारा 100 रुपये का स्टाम्प शुल्क लेने से पथ विक्रेताओं को दिक्कत हो रही थी। लिहाजा बहुत से गरीब योजना में रुचि नहीं ले रहे थे। इसके बाद सरकार ने छूट देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि स्टाम्प शुल्क लगने की दशा में भी करीब 5 लाख लोगों ने योजना में आवेदन किया है। स्टाम्प शुल्क में छूट मिलने से यह संख्या 10 लाख तक पहुंच सकती है।